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himalaya tentex forte tablet uses in hindi – स्टैमिना के लिए हिमालय टेंटेक्स फोर्ट का उपयोग कैसे करें

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हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट हिमालया कम्पनी की तरफ से आने वाली एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका सेवन यौन रोगो के ईलाज, तनाव को दुर करने और शक्ति और मानसिक शान्ति मे बहुत मदद करता है।

इसमे विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि जैसे अश्वगंधा,सफेद मूसली,केसर,गोखरूजैसे तत्व पाये जाते है। हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट इस्तेमाल करके अभी तक 100 से ज्यादा लोगो ने इस आर्टिकल को पढ़ा है।

इस आर्टिकल मे हमने हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट के बारे मे सम्पुर्ण जानकारी दी है। जिससे आप आसानी से इसका अच्छे तरीके से लाभ उठा सकते है।

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट क्या है – What is Himalaya Tentex Forte Tablet in Hindi

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट एक आयुर्वेदिक औषधि है और टैबलेट के रुप मे मार्केट मे उपलब्ध है इसका प्रमुख उपयोगयौन रोग जैसे प्रीमेच्योर इजेकुलेशन,इरेक्टाइल डिसफंक्शन के ईलाज मे किया जाता है।

इसके अलावा इसमे मौजुद जडी बुटीया तनाव को कम करती है। सोचने की क्षमता को बढ़ाती है। इसका नियमित इस्मेमाल शरीर मे शक्ति और शहनशीलता को बढाता है।

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट कैसे काम करती है | How does Himalaya Tentex Forte Tablets work in Hindi

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट कई सारी आयुर्वेदिक औषधिया होती है जैसे गोखरु और शिलाजीत जोकि प्राकृतिक तरीके से हमारे शरीर की यौन इच्छा को बढ़ाता है। इसमे मौजुद अन्य गुण शरीर मे टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ा देते है।

जोकि शरीरिक विकास के लिए बेहद जरुरी है। इसमे मौजुद अश्वगन्धा और सफेद मुसली जनाअंगो मे खुन के प्रवाह को बढाते है। इसका नियमित इस्तेमाल से स्टेमिन और ताकत को भी दो गुना कर देता है।

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट की सामग्री – Himalaya Tentex Forte Tablet Ingredients in Hindi

हिमालय टेंटेक्स फोर्ट का उपयोग कैसे करें
हिमालय टेंटेक्स फोर्ट का उपयोग कैसे करें

गोखरु

यह एक आयुर्वेदिक औषधि है इसका प्रयोग कामेच्छा को बढ़ाने मे, टेस्टोस्टेरोन का विकास करने मे और मासेपेशियो और शक्ति को बढाने के लिए किया जाता है।

शिलाजीत

यह एक शक्तिवर्धक आयुर्वेदिक औषधि है इसका प्रयोग टेस्टोस्टरोन के लेवल को बढ़ाने मे,इरेक्शन के समय को बढाने मे किया जाता है।


अश्वगन्धा

अश्वगन्धा का प्रयोग शरीर मे डोपामाईन के स्तर को बढ़ाने के लिए किया जाता हैैैं यह एक हार्माेन होता है जोकि चिन्ता और तनाव को कम करता है मानसिक शान्ति प्रदान करने मे मदद करता है।

सफेद मुसली

यह प्रमुख कार्य सेक्स इच्छा को बढ़ाने, सिमन की क्वालिटी को अच्छा करने और प्र्रजनन क्षमता को बढाने के लिए किया जाता है।

केसर

मानसिक रुप से शान्ति पहुचाने, के लिए किया जाता है।

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट के लाभ – Himalaya Tentex Forte Tablet Benefits in Hindi | himalaya tentex forte uses in hindi

हिमालय टेंटेक्स फोर्ट का उपयोग कैसे करें
हिमालय टेंटेक्स फोर्ट का उपयोग कैसे करें

कामेच्छा को बढाता है।

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का प्रयोग कामेच्छा को बढाने के लिए किया जाता है। अक्सर मोटापे धुम्रपान और तनाव के कारण हमारे यौन क्रिया के दौरान बहुत जल्दी थक जाते है

जिसके कारण हमारे पार्टनर को सन्तुष्टि नही मिल पाती है और रिश्तो मे तनाव की स्थिति भी आ जाती है वही हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का प्रयोग से हमारे यौन क्रिया का समय मे ईजाफा होता है।

इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार कि जड़ी बुटीया तनाव को कम कर देते है जिसके कारण देर तक यौन क्रिया का आनन्द ले पाते है।

प्रजनन क्षमता को बढाने मे मदद


अक्सर शरीरिक दुर्बलता और मोटापे के कारण हमारे स्पर्म काउन्ट कम हो जाता है और स्पर्म की क्वालिटी भी कम हो जाती है। जिससे कारण प्रजनन क्षमता को पर दुस्प्रभाव पड़ता है।

लेकिन हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का प्रयोग हमारे स्पर्म की सख्या को बढ़ाते है और स्पर्म की क्वालिटी को अच्छा करता है। जिससे प्रजनन क्षमता बढ़ जाती है।

प्रीमेच्योर इजेकुलेशन,इरेक्टाइल डिसफंक्शन को खत्म करने मे उपयोगी


वर्तमान समय मे हमारे समाज मे 10 मे से 7 पुरुषो को यौन समस्याओ का सामना करना पड़ता जहा प्रीमेच्योर इजेकुलेशन,इरेक्टाइल डिसफंक्शन की शिकायत होती है इसका प्रमुख वजह बचपन की गलत आदते मे होती है।

इसके ईलाज मे हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट एहम भुमिका निभाता है। इसमे मौजुद शिलाजीत और अश्वगंधा हमारे लिंग के रक्त सन्चारन को तेज करता है।

जिसके कारण डिलापन की समस्या नही होती है। इसलिए अलवा यह लिंग मे तनाव को कम करता है। जिसके कारण शीघ्रपतन से छुटकारा मिलता है।


यौन इच्छा का बढ़ाते मे सहायक


अक्सर पुरुषो मे धुम्रपान और गलत खान पान की आदतो के कारण यौन इच्छा मे कमी हो जाती है जिसके कारण हमारे वैवाहिक जीवने मे आनन्द की कमी हो जाती है।

और बात तलाक तक आ जाती है। लेकिन हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का प्रयोग शरीर मे नई उर्जा का विकास करता है। और इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार की जड़ी बुटीया हमारी सेक्स इच्छा को बढ़ाती है।


शारीरिक विकास मे सहायक


हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का प्रयोग शरीर के विकास के लिए बेहद उपयोगी है। इसमे मौजुद शिलाजीत अश्वगन्धा जैसे तत्व शरीर मे टेस्टोस्टोरोन लेवल को बढाता है

जोकि हमारे शरीर के विकास के लिए बेहद जरुरी है। यह हमारे शरीर मे नयो खुन बनाता है। ताकत और बुद्वि का विकास करता है।

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हिमालय टेंटेक्स फोर्ट का उपयोग कैसे करें – Himalaya Tentex Forte Tablet Dosage in Hindi

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट प्रयोग दिन मे 2 बार 1,1 टैबलेट खाना खाने के बाद नियमित रुप से लेना अच्छे रिजल्ट देता है। इसका सेवन दुध और पानी दोनो के साथ किया जाता है।

टेंटेक्स फोर्ट कितने दिन में असर दिखाता है

पहले 4 – 8 दिनशरीर मे यौन इच्छा मे बढ़ावा, उर्जा का सन्चार
1 से 2 सप्ताहटाईमिंग का बढ़ना,प्रीमेच्योर इजेकुलेशन का कम होना
3 से 7 सप्ताहतनाव का कम होना, मुड का अच्छा होना,
1 से 2 महीनेटेस्टोस्टरोन का शरीर मे बढना, इरेक्टाइल डिसफंक्शन का खत्म होना


हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स | Himalaya Tentex Forte Tablet Side Effects in Hindi

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट वैसे तो पुरे तरीके आयुर्वेदिक है लेकिन गलत तरीके से इसका इस्तेमाल से निम्नलिखित परिमाण देखने को मिल सकते है

एलर्जी का होना

इसमे कई तरीके गर्म तासिर वाली जड़ी बुटीयों को मिश्रण होता है। जोकि शरीर मे एलर्जी,जलन और दाने जैसे दुस्प्रभाव दे सकती है।


पेट सम्बन्धित समस्याऐं


हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का सेवन से पेट सम्बन्धित समस्या हो सकती है। जैसे अपच,गैस होना,पेट खराब होंने जैसी समस्या देखने को मिल सकती है।


चक्कर आना, जी मचलाना


हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का सेवन से जी मचलाना और चक्कर आना जैसी समस्या हो सकती है।

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का सेवन किसे नही करना चाहिए

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का सेवन निम्नलिखित स्थिति मे नही करना चाहिए

  • हदय रोगीयो को इस दवा का प्रयोग नही करना चाहिए क्योकि यह हदय गति को असमान्य तरीके से बढ़ा सकती है।
  • किडनी और लिवर के रोगियो को इस दवा को प्रयोग नही करना चाहिए क्योकि इसमे मौजुद जड़ी बुटीया पाचन पर प्रभाव डालती है।
  • 18 वर्ष के कम युवाओ को ईसका सेवन नही करना चाहिए नही तो हार्माेन्स मे असन्तुलन का कारण बन सकती है।
  • ऐसे रोगी जिनको किसी भी तरीके की एलर्जी हो उसका सेवन नही करना चाहिए

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हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट कितने दिन खाना चाहिए

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का सेवन नियमित रुप से डाक्टरो द्वारा 5 से 7 सप्ताह से नियमित रुप से लेने सलाह दी जाती है। दवा का सेवन मरीज की स्वास्थ्य की स्थिति,उम्र, पर निर्भर करती है। बिना डाक्टरी सलाह से 2 से 3 हफतो से ज्यादा इसका सेवन ना करे।

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट मुल्य

name Rate
हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट1,090

FAQ

Tentex Forte किस काम की दवा है

यह एक आयर्वेदिक औषधि है इसका प्रयोग पुरुषो मे टाईमिंग को बढाने, यौन इच्छा को तीव्र करने, स्पर्म को गाढ़ा करने जैसे कामो मे मदद करती है। इसमे विभिन्न प्रकार की औषधियो से मिलकर बनी होती है।

Tentex Forte कितने समय में असर दिखाता है?

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट प्राय 1 से 2 हफते मे रिजल्ट दिखाती है।

Tentex Forte की सही खुराक क्या है?

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट प्रयोग दिन मे 2 बार 1,1 टैबलेट खाना खाने के बाद नियमित रुप से लेना अच्छे रिजल्ट देता है। इसका सेवन दुध और पानी दोनो के साथ किया जाता है।

क्या Tentex Forte के कोई साइड इफेक्ट हैं?

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट वैसे तो पुरे तरीके आयुर्वेदिक है लेकिन गलत तरीके से इसका इस्तेमाल से निम्नलिखित परिमाण देखने को मिल सकते है।
एलर्जी का होना,चक्कर आना, जी मचलाना,पेट सम्बन्धित समस्याऐं

क्या इसे वियाग्रा की जगह ले सकते हैं?

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट का प्रयोग वियाग्र का जगह इस्तेमाल करना एक सुरक्षित तरीका हेै लेकिन इसके रिजल्ट 4 से 6 दिनो मे आते है

क्या इसे लगातार खा सकते हैं?

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट प्रयोग नियमित रुप से कर सकते है लेकिन इसके उपयोग से पहले डाक्टरी सलाह जरुर ले।

क्या Tentex Forte से स्पर्म काउंट बढ़ता है?

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट शरीर मे स्पर्म काउण्ट बढाता है वीर्य को गढ़ा करता है।

क्या महिलाएं इसे ले सकती हैं?

हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट सिर्फ पुरुषो के लिए है महिलाए इसका उपयोग नही कर सकती है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल मे हमने हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट के बारे मे जाना आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेन्ट करके जरुर बताये हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमशे जरुरे शेयर करे धन्यवाद

Disclaimer

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें

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sumag ointment uses in hindi के हैरान कर देने वाले उपयोग और फायदे

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हैलो दोस्त सुमेग महरम का नाम आपने जरुर सुना होगा, अगर नही तो हम आपको बताते है। सुमेग मलहम हमारे शरीर पर होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याऐं जैसे – फोड़े फुन्सी, चोट लगना, सुजन और जलन जैसी समस्या होने पर डाक्टर द्वारा प्रथम उपचार के रुप मे दिया जाता है।

यह बेहद प्रभावी और आसानी उपयोगी है। आज हम इस आर्टिकल मे सुमेग महरम का प्रयोग (Sumag Ointment Uses in hindi) कैसे करते है इसके लाभ क्या, इसके लेते समय क्या सावधानी है सबके बारे मे जानकारी देंगे। जिससे पढ़ कर अभी तक 200 लोगो ने लाभ उठाया है।

सुमेग महरम के बारे मे जानकारी (Sumag Ointment Information)

Sumag Ointment Uses in hindi
sumag ointment uses in hindi
नामसुमेग महरम (Sumag Ointment)
मौजुदा तत्वमैग्नीशियम सल्फेट,सल्फासिटामाइड,यूरिया
वजन75 ग्राम
मुल्य199 rs
कम्पनीहिन्द फार्माे (Hind Farma)

सुमेग मरहम मे मौजुद तत्व (sumag ointment composition)

मैग्नीशियम सल्फेटमैग्नीशियम सल्फेट सुजन को कम करता है, जलन खुजली मे आराम दिलाने मे मदद करता है, मासपेशियो के दर्द मे भी आराम दिलाने मे मदद
सल्फासिटामाइडसल्फासिटामाइड यह एक बेहतरीन एन्टीबैक्टीरियल तत्व है, जोकि सक्रमण रोकने मे मददगार है, फोडे फुन्सी और पिंपल्स पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने मे सहायक
यूरियायूरिया यह त्वचा को नमी देने के लिए और त्वचा को मुलायम और हाहड्रेट करने के लिए किया जाता है।

सुमेग महरम के उपयोग और फायदे (sumag ointment uses in hindi)

sumag मरहम फोड़े के लिए

Sumag Ointment का प्रयोग फोड़े फुन्सी मे काफी प्रभावी होता है इसमे मौजुद एन्टी बैक्टीरियल गुण, एव एन्टी फन्गल गुण फोड़े फुन्सी को खत्म करते है।

इससे होने वाली जलन और लालिमा को भी सही करने मे मदद करते है। इसका दिन मे 2 बार इस्तेमाल करने से यह पुरान से पुराने दाने और फोड़े को ठीक करने मे मदद करता है।

चोट और कटने मे उपयोगी

सुमेग महरम का प्रयोग कटने और छीलने जैसी समस्या को ठीक करने मे सहायक होता है। इसका प्रयोग डाक्टरो द्वारा प्रथम उपचार के रुप मे करता है।

इसमे मौजुद र्मैग्नीशियम सल्फेट खून के बहाव को रोकता है। दर्द और सुजन को कम करके नई स्कीन सेल्स लाने मे मदद करता है।

खुजली और जलन से राहत मे उपयोगी

सुमेग महरम का प्रयोग खुजली और जलन मे काफी असरदारक होती है। अकसर फंगल इन्फेक्शन के कारण हमारे अंगो मे खुजली और जलन महसुस होती है।

जिससे छुटकारा पाने के लिए सुमेग का प्रयोग किया जाता है। इसमे मौजुद सल्फेटमाईड खुजली को खत्म करती है। और उसमे मौजुद यूरिया त्वचा को नरम बनाने मे सहायक होता है।

सुजन को खत्म करने मे

अक्सर चोट के कारण हमारे शरीर मे लालिम और सुजन आ जाती है। जिसके ईलाज मे सुमेग महरम का प्रयोग करना बेहद असरदारक है। इसमे मौजुद र्वििभन्न प्रकार के तत्व सुजन का कम करके दर्द से निजात दिलाने मे एहम भुमिका निभाता है।

पुरानी चोट को ठीक करने मे

सुमेग महरम का प्रयोग पुरानी चोट को ठीक करने मे काफी सहायक होता है अक्सर चोट तो ठीक हो जाती है लेकिन उसका निशान नही जाता है। जिसको ठीक करने मे सुमेग महरम का प्रयोग बेहद लाभकारी है।

इसमे मौजुद मैग्नीशियम सैल्फेट चोट के कारण डैड हो चुकी स्कीन को हटाता है। और नई स्कीन लाने मे मदद करता है।

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सुमेग मरहम का प्रयोग कैसे करें ( How to Use Sumag Orinment ),

सुमेन मरहम बेहद प्रभावी है अगर इसका प्रयोग सही से किया जाये इसके प्रयोग के लिए स्टेप फोलो करें।

  • स्टेप1 – सुमेग महरम लागने से पहले लगाई जा रही जगह को अच्छी तरीके से पानी या साबुन की मदद से साफ कर ले।
  • स्टेप 2 – फिर सुमेग को हाथो से चोट के हिसाब से निकाल कर, चोट वाली जगह पर लगाये।
  • स्टेप 3 – उसको उगंलियो की मदद से प्रभावी हिस्से मे फैलाये।
  • स्टेप 4 – फिर रुई लगाकर पटी कर दे।

Sumag Ointment Dressing Use In Hindi

सुमैग आइटमेन्ट ड्रेसिंग यानी के बाद डाक्टरो द्वारा इस्तेमाल करनें की सलाह दी जाती है। इस क्रीम मे एन्टीसेप्टिक,ंएण्टीइर्नफेक्श, जैसे गुण होते है जोकि घाव को जल्द भरते और सक्रमण के खतरे को कम करते है।

सुमेग मरहम दिन मे कितनी बार प्रयोग करना चाहिए

सुमेन मरहम का प्रयोग दिन मे 2 बार कर सकते है।

सुमेग ईस्तेमाल मे सावधानिया

सुमेग महरम बेहद फायदेमंन्द है लेकिन कुछ सावधानिया अवश्य रखनी चाहिए

डाक्टरी सलाह

इस महरम का प्रयोग बिना डाक्टरी सलाह के बिना करने से बचे।


पानी से बचाव

दवा के प्रयोग के बाद पानी से बचाये चोट को गिला ना होने दे ।

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सुमेग मरहम के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स – Su Mag Side Effects in Hindi

वैसे तो यह मरहम पुरी तरीके से सुरक्षित है लेकिन गलत इस्तेमाल से इसके निम्नलिखित दुस्प्रभाव देखने को मिल सकते है।

खुजली और लालिमा

अधिक इस्तेमाल और गलत तरीके से उपयोग से खुजली और अक्सर मरीजो को यह दवा से सही उपयोग ना करने से जलन महसुस हो सकती है ऐसी परिस्थिति मे तुरन्त इसका प्रयोग बन्द कर दे।

त्वचा का पतला होना

इसके लम्बे समय तक इस्तेमाल से त्वचा पतली और नीली पड जाती है। जोकि बाद मे घाव मे भी बदल सकती है।


सवेदनशील अंगो को साईड इफेक्ट्स

सुमेग मरहम का प्रयोग सवेदशील अंग जैसे आंख, मुॅह मे जाने पर जलन और उल्टी जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है ऐसी समस्या होने पर तुरन्त पानी से उस भाग को 4 से 5 बार धोऐ।

सुमेग मरहम के वर्तमान मे कोई भी नकारत्मक प्रभाव नही है। लेकिन अकसर यह रुखी त्वचा मे जलन और खुजली की समस्या हो सकती है।

sumag ointment uses in hindi price

वजन मुल्य
75 ग्राम190 RS
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FAQ

सुमैग महरम प्रयोग चोट लगने,जलन और फंगल संक्रमण के ईलाज मे किया जाता है। इसमे एन्टीफंगल और एन्टीबैक्टीरियल गुण मौजुद है जोकि फंगल इन्फेक्शन से बचाता है और दर्द और सुजन मे आराम पऊचाता है।

सुमेन मरहम बेहद प्रभावी है अगर इसका प्रयोग सही से किया जाये इसके प्रयोग के लिए स्टेप फोलो करें।

स्टेप 4 – फिर रुई लगाकर पटी कर दे।

स्टेप1 – सुमेग महरम लागने से पहले लगाई जा रही जगह को अच्छी तरीके से पानी या साबुन की मदद से साफ कर ले।

स्टेप 2 – फिर सुमेग को हाथो से चोट के हिसाब से निकाल कर, चोट वाली जगह पर लगाये।

स्टेप 3 – उसको उगंलियो की मदद से प्रभावी हिस्से मे फैलाये।

199 RS

निष्कर्ष (conclusion)

Sumag Ointment Uses in hindi – सुमेग मरहम त्वचा सम्बन्धित समस्याओ के ईलाज मे प्रभावी मरहम है। इसके नियमित इस्तेमाल त्वचा पर विभिन्न प्रकार से फंगल और बैक्टीरियल इन्फेशन से निजात दिलाता है।

इसके बारे मे आपकी क्या राय है हमे नीचे कमेन्ट करके बातये यह आर्टिकल आपको कैसा लगा इसके बारे मे भी बताये धन्यवाद

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प्रवाल पिष्टी लाभकारी उपयोग,लेने का तरीका- praval pishti uses in hindi

प्रवाल पिष्टी नाम तो आपने जरुर सुना होगा इसका नाम जितना अलग है इसके फायदे भी काफी अलग और बेहतरीन है, प्राय डाक्टरो द्वारा इसका प्रयोग कैल्शियम की कमी होने पर दी जाती है।

इसका पिष्टी को समुद्र मे पाये जाने वाले पौधे जिसे कोरल या मुॅगा बोलते है उसके चुर्ण से बनाया जाता है।, इसमे प्राकृतिक रुप से कैल्शियम से भरपुर होता है।

मार्केट मे कई सारे ब्राण्ड और कम्पनी मे यह उपलब्ध है यह आर्टिकल praval pishti uses in hindi, प्रवाल पिष्टी के बारे मे सम्पुर्ण जानकारी बताई गई, है अगर आपको इसका सेवन करने जा रहे है तो इस आर्टिेकल को पढ़े जोकि आपको प्रवाल पिष्टी से जुडी सारी जानकारी प्राप्त कर सके।

प्रवाल पिष्ट क्या है ?

praval pishti uses in hindi
praval pishti uses in hindi

प्रवाल पिष्टी डाक्टरो द्वारा सुझाया जाने वाला एक आयुर्वेदिक औषधि है जोकि शरीर मे हडडियो, दातो, मे कैल्शियम की कमी से होने वाले रोगो को उपचार मे किया जाता है।

यह समुद्र मे पाई जाने वाला जीव मुॅगा जिसे कोरल भी बोलते है उससे बनाई जाती है। इस रंग प्राय गुलाब रंग का होता पाउडर के रुप मे होता है। इसमे गुलाब का अरक भी मिलाया जाता है। प्रवाह पिष्टी कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत होता है।

प्रवाल पिष्टी के फायदे | praval pishti uses in hindi

हडिडयो और दातो को मजबुती मे सहायक

प्रवाल पिष्टी मे अधिक मात्रा मे कैल्शियम होता है जोकि हमारी हड्डियोंो और दांतो मे खो रहे कैल्शियम को रोकता है और हडडियो और दातो को मजबुत बनाने मे मदद करता है।

दिल की बिमारी मे सहायक

प्रवाह पिष्टी का उपयोग दिल की बिमारी से बचने के लिए किया जाता है इसमे मौजुद कैल्शियम की मात्रा शरीर मे रक्त चाप का स्तर कम करता है और कलेस्ट्रोल लेवल को भी कम करता है। जिसके कारण हमारा दिल लम्बे समय तक स्वस्थ्य रहता है।

पेट सम्बन्धित समस्याओ से आराम मे


प्रवाह पिष्टी का प्रयोग पेट मे होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओ को दुर करने के लिए किया जाता है। यह इसमे मौजुद कैल्शियम पेट मे अल्मीयता को कम करता है। जिसके कारण हमे अधिक अम्ल से होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्या नही होती है।


त्वचा को स्वस्थ्य रखने मे सहायक


प्रवाल पिष्टी का प्रयोग शरीर मे कैल्शियम की मात्रा को बैलेन्स करता है। जिससे त्वचा स्वस्थ्य और चमकददर बनती है। इसका प्रयोग त्वचा पर एक्जिमा और पित्तीय जैसे रोगो से लडने और उपचार मे काफी मददगार साबित होता है। इसके अलावा यह शरीर मे मृत त्वचा को हटा कर नई त्वचा लाने मे मदद करता है।


कैन्सर के खतरे को कम करता है


प्रवाल पिष्टी शरीर के बाहरी त्वचा की परत एपिडर्मिस मे कैल्शियम की मात्रा बनाये रखता है, जिसके कारण सुरज की हानिकारक किरणो से सुरक्षित रखने मे मदद करता है। जिससे त्वचा कैन्सर से बचाव होता है।

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प्रवाल पिष्टी खुराक, प्रवाल पिष्टी लेने का तरीका

प्रवाल पिष्टी का प्रयोग विभिन्न उम्र के लोगो के लिए भिन्न भिन्न प्रकार से होता है-

बुजुर्गो के लिएउम्र – 40 से 80 वर्ष
खुराक – 125-250मिलीग्राम, दिन मे 1-2 बार
सेवन विधि – भोजन के बाद दुध, शहद और पानी के साथ
जवान के लिएउम्र – 18 से 40 वर्ष
खुराक – 250-500मिलीग्राम, दिन मे 1-2 बार
सेवन विधि – भोजन के बाद दुध, शहद और पानी के साथ
बच्चेउम्र – 2 से 17 वर्ष
खुराक – 50-125मिलीग्राम, दिन मे 1-2 बार
सेवन विधि – भोजन के बाद दुध, शहद और पानी के साथ
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प्रवाल पिष्टी का मुल्य


प्रवाल पिष्टी के दाम की बात करे तो ये कई सारी बा्रडस और मात्रा मे उपलब्ध है इसकी कीमते ब्राण्ड की नाम, गुणवत्ता, मात्रा पर के कारण भिन्न हो सकते है –


डाबर
मात्रा – 10 ग्राम
मुल्य – 300 से 500
पतन्जलीमात्रा 10 ग्राम
मुल्य 250 से 400
बै़द्वनाथमात्रा 5 ग्राम
कीमत 200 से 500 रुपये
झण्डु मात्रा 5 ग्राम
कीमत 150 से 200 रुपये
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प्रवाल पिष्टी के नुकसान,दुस्प्रभाव,हानि

प्रवाल पिष्टी के अनेको फायदो के साथ साथ बहुत सारी कई प्रकार के दुस्प्रभाव भी देखने को मिलते है जोकि निम्नलिखित है-

किडनी मे स्टोन की समस्या

कैल्शियम की अधिक मात्रा के कारण किडनी मे स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। जोकि बेहद गम्भीर बिमारी है।
पाचन सम्बन्धित समस्याऐ- प्रवाल पिष्टी के प्रयोग से ऐसीडिटी, कब्ज और गैस जैसी समस्या देखने को मिलती है।

हाईपर कैल्शियम

प्रवाल पिष्टी की अधिक मात्रा लेने से रक्त मे कैल्शियम की मात्रा पढ़ जाती है जिसके कारण शरीर हाईपरकैल्शियम की स्टेज पर पहुच जाता है जहा पर उल्टी दर्द, कमजोरी और थकान महसुस होती है।

एलर्जी

प्रवाह पिष्टी के प्रयोग से शरीर मे विभिन्न प्रकार के एलर्जी देखने को मिल सकती है जैसे खुजली, जलन और दर्द आदि

प्रवाल पिष्टी की तासीर

कैल्शियम से भरपुर प्रवाल पिष्टी की तासीर ठण्डी होती है।

FAQ

प्रवाल पिष्टी हडिडयो को मजबूत करने, कैल्शियम की कमी को खत्म करने, ब्लड प्रेशर को नियन्त्रित रखने,हार्माेन्स सन्तुलन को बनाये रखने मे, और सुधारने मे मदद करता है।

प्रवाल पिष्टी का प्रयोग दिन मे 1 से 2 बार 125 से 250 मिलीग्राम की मात्रा मे लेना सही होता है। प्रवाह पिष्टी का प्रयोग शहद, दुध और घी के साथ मिलाकर सेवन करना उचित होता है इसका प्रयोग भोजन के बाद करना उचित होता है। ताकि पाचन क्रिया मे सहायता मिले

प्रवाल पिष्टी का निर्माण प्रवाल जोकि एक समुद्री जीव से होता है। जिसमे कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है इसको पीस कर प्रवाल पिष्टी का निर्माण किया जाता है हालाकि इसमे अलग से रंग के लिए गुलाब का अरक भी मिलाया जाता है।

निष्कर्ष

आज हमने प्रवाल पिष्टी praval pishti uses in hindi के बारे म जाना जिसका प्रमुख कार्य शरीर मे कैल्शियम की कमी को दुर करके हमारी हडडियो और दांतो के सेहत को सही करना होता है।

यह प्राकृतिक कैल्शियम का बहुत अच्छा स्त्रोत है। यह शरीर मे बेहद फायदेमन्द साबित होता हैै अगर इसका प्रयोग सही से किया जाये आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमे ं कमेन्ट करके जरुर बताये और हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमशे जरुर करें ।

Disclaimer

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें