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dr alies vitamin c serum review in hindi |dr alies serum benefits in hindi -लाभ,उपयोग,दुस्प्ररिमाण

dr alies vitamin c serum जाना माना विटामिन सी सिरम है जोकि मार्केट मे आने वाले सभी सिरम से अच्छे और जल्दी रिजल्ट देता है। इसमे विटामन सी, हयालूरोनिक एसिड और फ़ेरुलिक एसिड मौजुद होता है।

यह चेहरे के रंगत निखारने, डार्क स्पाट को कम करने, दाग दब्बे को खत्म करने, मे मदद करता है। लेकिन इसका dr alies vitamin c serum review in hindi क्या इसका इस्तेमाल कैसे करना,इसके लाभ क्या है।यह सारी जानकारी इस आर्टिकल मे दी गई जिससे पढ़ कर 50 से ज्यादा लोगो ने इसका लाभ उठाया है।

dr alies vitamin c serum के बारे मे जानकारी

dr alies vitamin c serum review in hindi
dr alies vitamin c serum review in hindi
नामdr alies vitamin c serum price
कम्पनीDr. Alies – Professional
सिरम के प्रकारविटामन सी, हयालूरोनिक एसिड और फ़ेरुलिक एसिड सिरम
लगाने का तरीकासीधा चेहरे पर
मुल्य418 RS
वजन30 ML
dr alies vitamin c serum review in hindi

dr alies vitamin c serum ingradents

विटामन सीचेहरे को गोरा बनाता है,
दाने को कम करता है,
चेहरे को धुप से हुये कालेपन से छुटकारा दिलाता हेै।
हयालूरोनिक एसिड चेहरे पर प्रदुषण से बचाता है।
रंग को साफ रखने मे मदद करता है।
झुर्रीया को कम करता है।
धुप से हुये कालेपन को खत्म करने मे मदद करता है।
फ़ेरुलिक एसिडएन्टी ऐजिंग गुण के कारण जल्दी बुढ़ा नही होेने दे है।
झुर्रीयो और फाईन लाईन को कम करता है।
चेहरे मे चमक लाता है।
चेहरे को नमी और जवां बनाता है।
dr alies vitamin c serum review in hindi

dr alies vitamin c serum benefits in hindi

यह बेहतरीन चेहरे की लिए बेहद उपयोगी सिरम है और इसके फायदे निम्नलिखित है-


चेहरे को चमकदार बनाने मे मदद

अक्सर धुप धूल और प्रदुषण के कारण हमारा चेहरा मुरुझा जाता है जिसके कारण देखने मे काला और भददा लगने लगता है।

लेकिन dr alies vitamin c serum का इस्तेमाल चेहरे पर धुप और प्रदुषण से हुये कालेपन को हटा कर चेहरे को साफ और गोरा के साथ साथ चमकदार बनाने मे मदद करता है। इसका नियमित इस्तेमाल बस कुछ ही हफतो मे आपके चेहरे को साफ और गोर बना सकता है।


दाग दब्बे को ठीक करने मे

dr alies vitamin c serum का इस्तेमाल चेहरे पर आने वाले दाग दब्बो को ठीक करने के लिए किया जाता है। अक्सर गलत क्रीम या ज्यादा टेनिग हो जाने के कारण चेहरा हमारा दाग दब्बो से भर जाता है और चहरे पर भुरे भुरे चक्ते हो जाते है

लेकिन dr alies vitamin c serum के प्रयोग से दाग दब्बो से पुरी तरीके से ठीक कर देता है यह सीरम चेहरे की त्वचा के अन्दर तक जाता है और अन्दर से दाग दब्बो को खत्म करता है।

झुर्रियॉ और फाईन लाईन के कम करने मे


अक्सर उम्र के साथ हमारे चेहरे पर झुर्रिया और फाईन लाईन दिखना चालु हो जाती है जिससे हमारे चेहरे की त्वचा लटकी हुई दिखती है लेकिन dr alies vitamin c serum का प्रयोग चेहरे पर झुर्रियो को कम करता है

और नई स्किन सेल्स बनाने मे भी मदद करता है। इनका नियमित उपयोग चेहरे पर धीरे धीरे पुरी तरीके से झुर्रिया और फाईनल लाईन को खत्म कर देता है।


धुप से हुये कालेपन को ठीक करता है


अक्सर धुप मे ज्यादा देर बिना चेहरे को ढके हुये रहने से चेहरे का रंग काला पड़ जाता है यह ज्यादा तर पुरुषो के साथ होता है। जिसके लिए dr alies vitamin c serum का प्रयोग बेहद कारगर साबित होता है

यह चेहरे के अन्दर जाकर त्वचा को नरीश करता है। और अन्दर से त्वचा को रंगत सुधारता है जिसके कारण कुछ समय बाद ही चेहरा हमारा खिला हुआ और साफ दिखाई देता है।

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dr alies vitamin c serum का इस्तेमाल कैसे करे | dr alies vitamin c serum kaise use kare

dr alies vitamin c serum को इस्तेमाल करते समय निम्नलिखित स्टेप को फोलो करें इसका इस्तेमाल रात और दिन दोनो समय किया जा सकाता है।

स्टेप 1

dr alies vitamin c serum का प्रयोग से पहले थोडी मात्रा अपने हाथो मे लेकर अपने गर्दन के के भाग पर लगाये और देखे की कही जलन या खुजली तो नही हो रही है।


स्टेप 2

चेहरे का सबसे पहले एक साबुन या क्लीजन से अच्छी तरीके से धोकर तौलिये से पोछ ले


स्टेप 3

dr alies vitamin c serum की 3 से 5 बुन्दे अपने हाथ पर गिराये और हाथ का इस्तेमाल करते हुये पुरे चेहरे और गर्दन पर लगाये


स्टेप 4

जब देखे की पुरी तरीके से स्कीन मे सोख गया हैतो उसके उपर अच्छा माईस्चराईजर लगाये चेहरे को धुल, धुप से बचा कर रखे और धुप मे जाने के लिए सनस्क्रीन का प्रयोग करे।

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source –
Vijay Fitness Tips

dr alies vitamin c serum price

Size Rate
30 ML 418 RS
BUY NOW

dr alies vitamin c serum Result

बेहद असरदार सिरम है यह इस्तेमाल के 4 से 5 पाच दिनो मे ही रिजल्ट देना शुरु कर देता है। हालाकि आमुमन रिजल्ट व्यक्ति,त्वचा किस प्रकार की है और समस्या पर निर्भर करती है। इसके परिमाण की बात करे तो

  • त्वचा की रगंत मे सुधार होता है और चेहरा पहले से साफ नजर आता है।
  • त्वचा को अन्दर से नमी देकर नरम और ग्लोईग बनाता है।
  • चेहरे पर दाग धब्बे को हल्का करके खत्म कर देता है
  • कुछ दिनो मे प्रभाव – चेहरे पर निखार और चेहरे को साफ करने के रिजल्ट 4 से 5 दिनो मे दिखाई देेने लगते है।
  • कुछ हफतो मे प्रभाव – 4 से 6 हफतो मे चेहरे के दाग धब्बे और कालापन खत्म हो जाता है।
  • कुछ महिनो मे प्रभाव – 3 से 4 महीने मे झुर्रिया और फाईन लाईन पर प्रभाव डालता है।

dr alies vitamin c serum side effect in hindi

dr alies vitamin c serum पुरे तरीके के सुरक्षित है हालाकि कभी कभी यह दुस्प्ररिमाण देखने को मिलते है-

  • लालिमा और खुजली
  • त्वचा का रुखा होना
  • त्वचा का रंग बदलना
  • एलर्जी प्रतिक्रिया होना

FAQ

डा रशेल विटामिन सी सीरम का उपयोग त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है इसका प्रयोग से त्वचा मे चमक और निखार लाता है, काले धब्बे को खत्म करता है, एंटी एजिंग गुण पाये जाते है। इसका नियमित इस्तेमाल त्वचा का लम्बे समय तक स्वस्थ्य और चमकदार रखने मे सहायक होता है।

डा रशेल विटामिन सी सीरम उपयोग परिमाण व्यक्ति त्वचा स्थिति पर निर्भर करती है। लेकिन विभिन्न प्रकार के परिमाणो मे अलग अलग समय लगता है।
चमक और ग्लो – 6 से 7 दिनो मे
काले धब्बे और रगंत निखारना – 4 से 6 हफते मे
झुर्रिया और फाईन लाईन – 8 से 12 हफतो मे
एन्टी एजिग लाभ- 3-6 महीने मे

चेहरे का सबसे पहले एक साबुन या क्लीजन से अच्छी तरीके से धोकर तौलिये से पोछ ले,dr alies vitamin c serum की 3 से 5 बुन्दे अपने हाथ पर गिराये और हाथ का इस्तेमाल करते हुये पुरे चेहरे और गर्दन पर लगाये,जब देखे की पुरी तरीके से स्कीन मे सोख गया हैतो उसके उपर अच्छा माईस्चराईजर लगाये

निष्कर्ष


इस आर्टिकल मे हमने dr alies vitamin c serum review in hindi के बारे मे जाना और साथ ही साथ यह भी जाना की इसके लाभ क्या है इसका प्रयोग कैसे करना करना इसकेे दुस्प्ररिमाण क्या हो सकते है। यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमे कमेन्ट करके जरुर बताये और हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमशे जरुर शेयर करे धन्यवाद

Disclaimer

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें

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स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू बालों का रंग दुष्प्रभाव| streax insta shampoo hair colour side effects in hindi

हैलो दोस्तो बालो एक कलर करना एक बेहद प्रचिलित हो गया है। इसका प्रयोग और महिलाओ द्वारा समान रुप से किया जाता है एवं जब हेयर कलर की बात करे तो Streax Insta Shampoo Hair Colour का नाम काफी प्रचलित है

यह Streax कम्पनी की तरफ से आता है। और मार्केट मे 4 कर्लर मे उपलब्ध है यह बालो मे 5 से 10 मिनट मे तैयार कर देता है।

कम्पनी का दावा है कि यह बालो को लम्बे समय तक काला रखने और बालो मे प्राकृतिक रुप से चमक प्रदान करता है। इसमे कितना सच है और इस हेयर कलर के क्या फायदे और नुकसान है,

इसको बारे मे जानेगे साथ ही Streax Insta Shampoo Hair Colour Review के बारे मे सम्पुर्ण जानकारी देगें।

Streax Insta Shampoo Hair Colour के बारे मे जानकारी

नामStreax Insta Shampoo Hair Colour
कम्पनीStreax
मुल्य39 RS
मौजुदा तत्वबदाम तेल और शहतुत के तत्व
वजन25 ML
Streax Insta Shampoo Hair Colour Review

Streax Insta Shampoo Hair Colour मौजुदा तत्व

के मौजुदा तत्व के बात करे तो इसमे शहतुत और बदाम का तेल उचित का अनोखा मिश्रण है

बदाम का तेल

Streax Insta Shampoo Hair Colour मे मौजुद बदाम का तेल बालो की सेहत के लिए बेहद लाभकारी है जोकि बालो को चमकदार और मजबूत बनाता है। और बालो को टुटने और गिरने से बचाता है।

शहतुत

Streax Insta Shampoo Hair Colour मे शहतूत के अर्क भी मिला होता है। यह प्राकृतिक रुप से बालो को रंग देने मे सक्षम है यह शरीर मे मेलेनिन के उत्पादन को बढ़ाता है। जिससे बाल लम्बे और काले होते है।

streax insta shampoo hair colour how to use in hindi | streax इंस्टा शैम्पू बालों का रंग कैसे उपयोग करने के लिए

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर इस्तेमाल करना बेहद आसान है इसके निम्नलिखित स्टेप फोलो करे

स्टेप 1

सबसे पहले स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर के प्रयोग से पहले हाथो मे दस्ताने का प्रयोग करे या बिना दस्ताने भी कर सकते है सबसे पहले स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर को फाड ले


स्टेप 2

इसको अच्छी तरीके से हाथो मे गिरा ले और पुरे हाथो मे फैलाये,ताकि अच्छी तरीके से बालो मे लगा सके


स्टेप 3

हाथो मे लिए हुये इसको बालो मे लगाये बालो पर अच्छी तरीके से फैलाये और पुरी बालो मे धीरे धीरे लगाये और बालो को मसाज दे, 5 से 10 मिनट के लिए छोड दे


स्टेप 4

5 से 10 मिनट बाद बालो को धो ले ।

Streax Insta Shampoo Hair Colour Review

streax hair colour shampoo review in hindi
streax hair colour shampoo review in hindi

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर मार्केट मे चार कलर मे उपलब्ध है जोकि बेहद आसानी से बालो मे इस्तेमाल किया जाता है इस हेयर के कलर के कुछ खुबिया और खामिया इस प्रकार है-

Streax Insta Shampoo Hair Colour फायदे


अमोनिया का प्रयोग नही

Streax Insta Shampoo Hair Colour मे अमोनिया का प्रयोग नही किया गया है यह पुरी तरीके से नैचुरल है। जैसा की कम्पनी द्वारा बताया गया है।

आसानी से इस्तेमाल

Streax Insta Shampoo Hair Colour का इस्तेमाल करना बेहद आसान इसके लिए बस आपको इसका पैेकेट फाड़ना है और सीधा बालो मे लगाना है यह दुसरे हैयर कलर की तरह डेवलपर्स नही होता है। जिसको मिलना पडता हो, जोकि हेयर कलर के तरीके को काफी आसान बना देता है।


बालो को नैचुरल चमक देना

Streax Insta Shampoo Hair Colour का प्रयोग बालो को एक प्राकृतिक चमक और कलर देता है। जिससे बाल पहले से काफी बेहतर लगते है।


कई रंगो मे उपलब्ध

Streax Insta Shampoo Hair Colour यह बाजार से मिलने वाले किसी भी हेयर कलर ब्राड से ज्यादा कलर देता है स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर कुल 4 कलर मे आता है ब्ररगन्डी, नैचुरल ब्राउन, नैचुरल ब्लैक, डार्क ब्राउन ।


6 से 7 हफते तक रहता है

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर बालो मे 6 से 7 हफते तक बालो मे रहता है ऐसा कम्पनीया दावा करती है।

आनलाईन पर अच्छी रेटिंग

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर को आनलाईन प्लेटफार्म जैसे ऐमेजान, नायका, जैसी ई कार्मेस साईट पर इसके 10 हजार से ज्यादा सकरात्मक रेटिंग दी गई है जोकि इस प्रोडेक्ट की क्वालिटी अच्छी होने की तरफ इशारा करता है।


नैचुलर तत्व से मिलकर बना है

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर 2 प्राकृतिक चीजो से मिलकर बना है इसमे बादाम का तेल और शहतुत का अर्क का प्रयोग किया गया है। बादाम का तेल एक नैचुरल चमक और बालो को मजबुती प्रदान करता है। वही शहतुत बालो मे नैचुरल कलर देने मे सहायक है।

READ MORE – बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान -बिग जैक का ईस्तेमाल कैसे करते है ?

streax insta shampoo hair colour side effects in hindi |स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू बालों का रंग दुष्प्रभाव

लम्बे समय के लिए अप्रभावी

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर का लम्बे समय नही रहता है इसके कलर 1 हफते के अन्दर हल्का होना चालु हो जाता है। जबकि कम्पनी द्वारा इसके 6 से 7 हफते कलर रहने का दावा किय जाता है।


छोटे बालो के लिए प्रभावी

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर का प्रयोग अगर आपके 10 से 12 बाल है सफेद तो उस स्थिति मे करना सही होता है अगर आपके पुरे या आधे बाल सफेद है तो इसके लिए इसके कई सारे पैकेट का इस्तेमाल करना पडेगा।


दाग की सम्भवना

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर के साथ किसी भी तरह का दस्ताने नही मिलते है जिसके कारण कपडो मे लगने की सम्भवना बढ़ जाती है।


बाल टूटने की सम्भावना

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर के प्रयोग से कई मामले मे बालो के टूटने की समस्या उत्पन्न होती है।

READ MORE – हिमकोलिन जेल कितने दिन लगाना चाहिए | हिमालय हिमकोलिन जेल लगाने का तरीका

Streax insta shampoo hair colour side effects in hindi

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर बेहतरीन हेयर कलर मे से एक है लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते है।


बालो का टूटना

हैयर कलर के प्रयोग से बालो मे टूटने और झड़ने की समस्या होने लगती है इसलिए बालो मे ज्यादा झड़ने से परेशान इसका प्रयोग से बचे,


बालो प्राकृतिक रंग पर दुस्प्रभाव

सभी हेयर कलर बाला के लिए सही नही होता है। यह बालो के प्राकृतिक रंग देने वाले तत्व मेलेनिन से छेड छाड करते है जोकि खरतरनाक होता है और बालो को जल्दी सफेद कर सकता है।


बालो की जड़ो मे अलर्जी

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर का प्रयोग त्वचा पर लालिमा और खुजली, चिपचिपापन जैसी समस्या हो सकती है।


(उपर दिये गये जितने भी साईड इफेक्ट है वो सम्भावित है,ज्यादा तर ऐसा नही होता है।)

FAQ

स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर सबसे बेहतरीन हेयर कलर मे से एक है इसके विभिन्न आनलाईन प्लेटफार्म पर 80 प्रतिशत से ज्यादा सकरात्मक रिव्यु है।

सबसे पहले स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर के प्रयोग से पहले हाथो मे दस्ताने का प्रयोग करे या बिना दस्ताने भी कर सकते है सबसे पहले स्ट्रीक्स इंस्टा शैम्पू हेयर कलर को फाड ले, इसको अच्छी तरीके से हाथो मे गिरा ले और पुरे हाथो मे फैलाये,हाथो मे लिए हुये इसको बालो मे लगाये बालो पर अच्छी तरीके से फैलाये और पुरी बालो मे धीरे धीरे लगाये और बालो को मसाज दे, 5 से 10 मिनट के लिए छोड दे

स्ट्रीक्स हेयर कलर लगाने के 5 से 10 मिनट बाद बालो को धो ले ।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल मे हमने Streax Insta Shampoo Hair Colour Review in hindi के बारे मे सम्पुर्ण जानकारी दी है यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमे कमेन्ट करके जरुर बताये हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमसे जरुर शेयर करे।

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दवाइयां

फोलिक ऐसिड टैबलेट -सही उपयोग,लाभ,दुस्प्रभाव

फोलिक ऐसिड टैबलेट जोकि हमारे नजदीकी दुकानों मे आसानी से उपलब्ध है, इसका प्रमुख शरीर से बनने वाले डी0एन0ए0 को सही करने, मानसिक और हार्ट की सेहत को दुरुस्त करने मे मदद करता है।

इसको विटामिन बी9 के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राकृतिक तौर पर सब्जीयों और फलो मे मौजुद होता है। इसक सेवन मरीज के बिमारी के अनुसार चिकित्सक द्वारा दिया जाता है।

इसके सही प्रकार से उपयोग ना करने पर इसके दुस्प्रभाव भी देखने ने को मिल सकता है

इस आर्टिकल मे हम फोलिक एसिड के बारे मे सम्पुर्ण जानकारी बताने जा रहे है जहा पर इसके लाभ क्या है, इसका इस्तेमाल कैसे करना है, इसके दुस्प्रभाव क्या हो सकते है इसके बारे मे गम्भीर रुप से जानेगें।

फोलिक ऐसिड टैबलेट के बारे मे जानकारी

फोलिक ऐसिड टैबलेट
फोलिक ऐसिड टैबलेट -सही उपयोग,लाभ,दुस्प्रभाव
नामफोलिक ऐसिड टैबलेट
प्रकार टैबलेट
प्राकृतिक स्त्रोतहरी सब्जी,फल, दालें
मुल्य60 RS

फोलिक ऐसिड टैबलेट क्या है ?

फोलिक ऐसिड टैबलेट एक प्रकार का कृत्रिम विटामि बी9 के स्त्रोत होता है। जिसके चिकित्सक द्वारा शरीर मे इसकी कमी पुरी करने के लिए दिया जाता है। यह मार्केट मे विभिन्न प्रकार की कम्पनीयो द्वारा बनाई जाती है। इसके अनगिनत फायदे है। इसका प्रमुख कार्य डी0एन0ए0 को निर्माण करते रहने मे और गर्भवती महिलाओ के भ्रुण विकास मे बेहद लाभकारी है।

फोलिक ऐसिड टैबलेट के फायदे

फोलिक ऐसिड टैबलेट एक विटामिन सप्लीमेन्ट है। जिसका प्रयोग शरीर मे विटामिन बी9 की कमी के ईलाज मे किया जाता है। इसके फायदे कुछ इस प्रकार है –

दिल को लम्बे समय तक स्वस्थ्य रखने मे

फोलिक ऐसिड टैबलेट का प्रयोग हमारे दिल के लिऐ बेहद फायदेमन्द है। इसका प्रयोग हमारे शरीर मे होमोसिस्टीन की मात्रा को बढ़ने नही देता है। होमोसिस्टीन एक प्रकार का एमिनो एसिड है|

जोकि शरीर मे टूट कर जरुरी पदार्थाे मे बदल जाते है। लेकिन कभी कभी इसकी मात्रा हमारे खुून मे ज्यादा हो जाती है जिस कारण हमें हार्ट अटैक और अन्य दिल की बिमारी होने को खतरा बना रहता है।

फोलिक एसिड हमारे शरीर मे होमोसिस्टीन को तोड़ कर जरुरी तत्वो मे बदल देती है। जिसके कारण शरीर मे इसकी मात्रा नही बढ़ती है।

एनीमिया से बचने मे

फोलिक एसिड टैबलेट का प्रयोग शरीर मे एनीमिया के खतरे को कम करता है। फोलिक ऐसिड शरीर मे नियमित रुप से लाल ब्लड सेल्स को बनाये रखने मे मदद करता है। जिसके कारण एनीमिया की दिक्कत नही होती है।

बात करे एनीमिया की तो यह शरीर की ऐसी परिस्थति होती है जहा् पर शरीर मे लाल रक्त सेल्स की मात्रा कम होती है। जिसके फलस्वरुप चक्कर आना, सर घुूमना, त्वचा का पिला जैसे लक्षण एनीमिया के संकेत है।

गर्भावस्था कें समय

फोलक ऐसिड टैबलेट का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद लाभदायक है इसका प्रयोग पेट मे पल रहे बच्चे के शरीरिक विकास मे एहम भुमिका निभाता है और बच्चे के दिमाण, रीढ़ की हडडी के विकास मे जरुरी होता है।

फालिक ऐसिड की कमी से बच्चो मे न्यूरल टियूब्स विकार देखने को मिलते है । इस स्थिति मे बच्चो का दिमागी और शरीरिक विकास पेट मे नही हो पाता है।

मानसिक रुप से स्वस्थ्य बनाने मे मदद

फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है इसक सेवन तनाव और चिन्ता को कम करता है। इसके अलावा यह हमारा एकाग्रता और धैर्य बनाये रखने मे भी मदद करत है।

यह शरीर मे अच्छा फिल करने वाले हार्मेन्स जैसे सेरोटोनिन, डोपामिन, के स़्त्राव को बढ़ा देते है। जिससे हमारे दिमाम का अच्छा फिल होता है।

त्वचा को स्वस्थ्य बनाये रखने मे

फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन त्वचा की सेहत को अच्छा रखने मे मदद करता है। यह हमारे डैड स्कीन सेल्स की जगह नही त्वचा को लाने मे मदद करता है। जिसके कारण हमारे चेहरे पर नई स्कीन का निर्माण होता है । जिससे हमारा चेहरा पहले से साफ और सुन्दर दिखाई देता है।


उम्र से पहले बुढ़ा होने से बचाते है।

विटामिन बी9 का सेवन शरीर को जल्दी बुढ़ा होने से बचाता है। इसमे कई प्रकार के एन्टीआक्सीडेन्ट पाये जाते है। जोकि हमारे शरीर मे मुक्त कण को नष्ट करते है। जोकि मुक्त कण कोशिकाओं को नुकसान पहुचातें है | जिसके कारण शरीर जल्दी बुढ़े नही होते है। और लम्बे समय तक जवान बने रहते है।

फोलिक एसिड टेबलेट फॉर प्रेगनेंसी

फोलिक ऐसिड टैबलेट
फोलिक ऐसिड टैबलेट -सही उपयोग,लाभ,दुस्प्रभाव

फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन गर्भावती महिलाओ मे बेहद फायदेमन्द है।

  • गर्भावस्था के दौरान फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन पेट मे पल रहे बच्चे के दिमाग और रीढ़ की हडडी को सही तरीके से विकसित करने मे मदद करता है।
  • फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन शरीर मे डी0एन0ए0 के निर्माण मे सहायक होता है जिससे पेट मे पल रहे शिशुओ के शरीर के विभिन्न अंगो का विकास तेजी से होता है।
  • फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन महिलाओ मे गर्भावस्था के दौरान एनीमिया से बचाता है। यह एक स्थिति होती है जिसमे शरीर से रेड ब्लड सेल्स कम हो जाती है । जिसके कारण शरीर कमजोर हो जाता है।

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फोलिक ऐसिड टैबलेट खुराक

फोलिक एसिड की खुराक व्यक्ति की आयु,लिंग, स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताओं पर निर्भर करती है।

लिंग खुराक
स्त्री 500 – 600 माइक्रोग्राम
पुरुष 400 माइक्रोग्राम
बच्चे (6 से लेकर 14 साल तक )65 माइक्रोग्राम – 400 माइक्रोग्राम

फोलिक ऐसिड टैबलेट के नुकसान

फोलिक ऐसिड टैबलेट के गलत उपयोग से कुछ संम्भावित दुस्प्रभाव या नुकसान भी देखने को मिल सकते है जोकि इस प्रकार है-

  • नीद की कमी – फोलिक ऐसिड के दुस्प्रभाव मे यह बेहद आम समस्या है जिसमे नीद की कमी होने लगती है। लेकिन यह ज्यादा गम्भीर नही है। चिकित्सक की सलाह से यह आसानी से ठीक हो जाती है।
  • मितली – मितली जिसे हम उल्टी आना भी कहते है। यह फोलिक ऐसिड टैबलेट का एक आम दुस्प्रभाव है। जोकि फोलिक ऐसिड के ओवरडोज और गलत तरीके से लेने की वजह से होता है।
  • पसीना और बदबु आना – फोलिक ऐसीड के कारण शरीर से दुर्गन्ध और ज्यादा पसीना आना जैसी समस्या भी हो सकती है।
  • मुह का स्वाद बदल जाना – फोलिक ऐसिड के लम्बे समय तक सेवन से यह समस्या देखने को मिल सकती है जहा पर मुंह का स्वाद बदल जाता है।
  • भुख ना लगना – अक्सर फोलिक ऐसिड टैबलेट के गलत प्रयोग के कारण भुख ना लगने की समस्या का सामना करना पड़ता है। जोकि डाक्टरी परामर्श से आसानी से ठीक हो जाती है।

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फोलिक ऐसिड टैबलेट सावधानियॉ

फोलिक ऐसिड टैबलेट के सेवन करते समय निम्नलिखित सावधानियॉ जरुर बरते –

  • इसकी खुराक का सेवन समयअनुसार और चिकित्सक की बताई गई अवधि मे करें।
  • फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन खाली पेट करने से बचे ।
  • फोलिक ऐसिड टैबलेट के ओवर डोज से बचे।
  • टैबलेट के सेवन मे किसी भी तरह का दुस्प्रभाव दिखने पर इसका सेवन बन्द कर दे।

FAQ

फोलिक ऐसिड टैबलेट का सेवन पुरुषो मे इसका सेवन दिन 1 बार खाना खाने के कराना सही होता है इसके अलावा गर्भवती महिलाओ मे गर्भावस्था के पहले से 12 हफते तक फोलिक ऐसिड के सेवन की सलाह दी जाती है। यह बच्चो के दिमाग और शरीर के अंगो की बनावट मे मदद करता है।

गर्भवती महिलाओ मे गर्भावस्था के पहले से 12 हफते तक फोलिक ऐसिड के सेवन की सलाह दी जाती है। यह बच्चो के दिमाग और शरीर के अंगो की बनावट मे मदद करता है।

फोलिक एसिड टेबलेट का सेवन दिन मे 1 बार खाना खाने के बाद डाक्टरी सलाह से लेना सही होता हेै।

निष्कर्ष

फोलिक ऐसिड का सेवन दिल, दिमाग दुरुस्त रखने और विभिन्न प्रकार की बिमारीयों से बचाने मे बेहद कारगर है। इस प्रमुख कार्य गर्भवती महिलाओ के शिशुओं को दिमागी और शरीरिक विकास मे मदद करना है।

इसका सेवन हमेशा डाक्टारी सलाह से करें, यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें कमेन्ट करके जरुर बताये और हमारे लिंए कोई सुझाव हो तो हमसे जरुर शेयर करे।

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दवाइयां

गठिया एवं हडिडयों दर्द मे रामबाण योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान

गठिया एवं हडिडयों दर्द मे रामबाण योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान

योगराज गुग्गुल एक आयुर्वेदिक औषधि है जोकि गुग्गुल, पिप्पली अजवाइन,हरितकी आदि प्राकृतिक तत्वो से मिलकर बनी हुई है इस प्रमुख उपयोग गठिया, हडिडयों मे दर्द, पेट सम्बन्धित विकारो और वाद दोष के निवारण मे उचित रुप से किया जाता है।

इसका उपयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमन्द है, इस आर्टिकल मे हमनें योगराज गुग्गुल फायदे और नुकसान, इसका उपयोग कैसे करना, इसको लेकर क्या सावधानियॉ बरतनी है इसके बारे मे इस आर्टिकल मे बताया गया है। जिसके बाद आपको जरुरी जानकारी प्राप्त उपयोगी है।

योगराज गुग्गुल के बारे मे जानकारी

नामयोगराज गुग्गुल
उपयोगगठिया हडिडयों मे दर्द, पेट, सूजन, वात दोष
तत्वगुग्गुल, पिप्पली अजवाइन,हरितकी,बिभीतकी, अमलकी, सोंठ
कम्पनीपतन्जलि,बैद्यनाथ, डाबर
दाम154 RS
वजन60 GRAM
दवा के प्रकारटैबलेट
योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान

योगराज गुग्गुल क्या है ?

योगराज गुग्गुल दवा है जोकि कई आयुर्वेदिक औषधियों जैसे गुग्गुल, पिप्पली, अजवाईन, हरितकी बिभीतकी, अमलकी, सोंठ, कालीमिचे जैसे तत्व मिले होते है। यह टैबलेट के रुप मे मार्केट मे आसानी से उपलब्ध है इसे बैद्यनाथ, पतन्जली, डाबर, जैसी कम्पनीयो द्वारा निर्मित किया जाता है।

इसके फायदे की बात करे तो यह गठिया, हडिडयो के दर्द, पेट की समस्या, खराब पाचन जैसी रोगो को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह 30 से 80 गोली के पैक मे बाजार मे उपलब्ध है। जोकि 70 से 150 रुपये के बीच आता है।

योगराज गुग्गुल मे मौजुद तत्व

गुग्गुलदर्द निवारक गुण,
सुजन को ठीक करने मे,
तनाव को सही करने मे
पिप्पलीपेट के सम्बन्धित विकारों के नाश मे,
वात दोष के नियन्त्रण
अजवाइन कब्ज,ऐसीडिटी और अपच के सही करने मे
पेट को दुरुस्त रखने मे
हरितकीएन्टी बैक्टीरियल गुण,
पेट सम्बन्धित विकार को ठीक करने मे
बिभीतकीश्वासन सम्बन्धित विकार ठीक करने मे,
पेट दर्द को सही करने मे
अमलकीचेहरे और आखो के लिए,
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने मे
सोंठ श्वासन सम्बन्धित विकार मे,
गले मे बैक्टीरियल को ठीक करनेमे
काली मिर्चवात पित्त दोष के निवारण मे,
पाचन को ठीक रखने मे
विधाराशक्ति बढाने मे,
शरीर को मजबुत बनाने में
देवदारुसास सम्बन्धित विकार को ठीक करने मे,
मानसिक तनाव को कम करने,
जोडो के दर्द को ठीक करने मे,
योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान

योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान

योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान - इस तरह करे उपयोग मिलेगा बेहतरीन लाभ
योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान – इस तरह करे उपयोग मिलेगा बेहतरीन लाभ

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हडिडयों के दर्द से आराम


योगराज गुग्गुल का सेवन हडिडयों के दर्द मे काफी कारगर साबित होता है योगराज गुग्गुल मे कई तरीके आयुर्वेदिक औषधियॉ होती है जोकि हडिडयो मे होने वाले दर्द को कम करती है और मजबूती को बढ़ावा देती है।

इस उपयोग हडिडयो मे पुरानी चोट और मोन्च मे काफी ज्यादा कारगर साबित होता है इसके अलावा इसमे सूजन रोधी गुण भी पाये जाते है जोकि हडिडयो के सुजन को ठीक करने मे मदद करते है।

गठिया को ठीक करने मे

योगराज गुग्गुल गठिया जिसे हिन्दी मे आर्थराइटिस बोलते है उसके ईलाज मे काफी कारगर साबित होता है इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार की जडी बुटीयॉ गुग्गुल, पिप्पली अजवाइन,हरितकी,बिभीतकी,अमलकी,सोंठ हडिडयो और जोडो को मजबूत बनाने मे मदद करता है,

जिसके कारण गठियॉ के दर्द मे आराम मिलता है। योगराज गुग्गुल का नियमित प्रयोग हमारे हडिडयो के खो रहे कैल्शियम की कमी को भी पुरा करने मे मदद करता है।

श्वास सम्बन्धित विकार को ठीक करने मे

योगराज गुग्गुल का प्रयोग शरीर मे श्वास सम्बन्धित विकार को ठीक करने मे मदद करता है इसम मौजुद सौन्ठ, अजवाईन, गुग्गुल, हमारे श्वास सम्बन्धित विकार जैसे सास लेने मे दिक्कत, उलझन महसुस होना, सास सही से ना आना जैसी समस्या को ठीक करने मे मदद करता है।

वर्तमान समय मे धुम्रपान और प्रदुषण के कारण हमारे फेफडो मे विभिन्न प्रकार की समस्या देखने को मिलती है। इसके ईलाज मे योगराज गुग्गुल बेहद कारगर साबित होता है।

पेट को दुरुस्त रखने मे


योगराज गुग्गुल का सेवन पेट के लिए काफी फायदेमन्द है इसक प्रयोग पेट के विभिन्न विकार जैसे कब्ज अपच, पेट साफ ना होना, पेट भारीपन और भी कई तरीको की समस्या को लेकर फायदेमन्द साबित होता है।

इसमे मौजुद कई प्रकार की औषधियॉ पिप्पली,अजवाइन,हरितकी जैसे तत्व हमारे पेट की समस्या को दुर करके हमारे पाचन तन्त्र को मजबुत बनाने मे मदद करता है।

वात दोष के निवारण मे


योगराज गुग्गुल का सेवन शरीर मे वात दोष के निवारण मे काफी मदद करता है। वात दोष मे शरीर मे युरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिसके कारण हमारे हडिडयो, पैर और पेट पर सीधा प्रभाव पड़ता है और भयकर दर्द का अनुभव होता है।

योगराज गुग्गुल का सेवन वात दोष को शान्त करने मे की कारगर साबित होता है। इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार की जड़ी बुटीयॉ काली मिर्च,गुग्गुल,हरितकी मौजुद है जोकि वात दोष के निवारण मे मदद करती है।

इम्युनिटी सिस्टम को सुधारने मे

योगराज गुग्गुल का सेवन शरीर मे इम्युनिटी सिस्टम को मजबुत करने मे मदद करता है। वर्तमान मे गलत खान पान की आदतो के कारण हमारे शरीर मे रोगप्रतिरोधक क्षमता मे कमी आ जाती है।

जिसको सही करने मे योगराज गुग्गुल बेहद कारगर साबित होता है। योगराज गुग्गुल मे कई प्रकार की जड़ी बुटीयो का अनोखा मिश्रण है। जोकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त करनं मे मदद करता है। जिससे हम जल्दी बिमार नही पडते है।

योगराज गुग्गुल सेवन विधि

योगराज गुग्गुल का सेवन डाक्टर द्वारा बताये गये निर्देशानुसार इसका सेवन करे, योगराज गुग्गुल का 1 से 2 गोली प्रतिदिन दिन मे 2 बार खाली या भरा पेट किसी भी स्थिति मे कर सकते है अगर आपको निगलने मे दिक्कत होती है तो योगराज गुग्गुल का सेवन आप गर्म दुध के साथ भी कर सकते है।

योगराज गुग्गुल उपयोग करने वाले व्यक्ति की उम्रयोगराज गुग्गुल की मात्रायोगराज गुग्गुल दिन
मे कितनी बार लेना है।
अवधिकब लेना है खाने से पहले या खाने के बाद
बच्चे [7-18 वर्ष]डाक्टरी परामर्श सेडाक्टरी परामर्श से3महीनेकभी भी
व्यस्क [18-40 वर्ष]1 से 2 गोली2 बार[सुबह और शाम]3महीनेकभी भी
बुजुर्ग[40-80 वर्ष]1 से 2 गोली2 बार[सुबह और शाम]3महीनेकभी भी
योगराज गुग्गुल के फायदे और नुकसान

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योगराज गुग्गुल की कीमत क्या है?

Price Company
154 RSबैद्यनाथ
139 RSडाबर
80 RSपतन्जली

योगराज गुग्गुल और महायोगराज गूगल में क्या अंतर है

योगराज गुग्गुल और महायोगराज गूगल एक ही तरह की आयुर्वेदिक औषधियॉ है। दोनो का प्रयोग हडिडयो और पेट से सम्बन्धित विकार को ठीक करने के लिए किया जाता है। योगराज योगराज गुग्गुल और महायोगराज गूगल का प्रमुख अन्तर इसमे पाये जाने वाली औषधि तत्व है जिनकी मात्रा एक दुसरे से भिन्न है।

योगराज गुग्गुल के नुकसान

योगराज गुग्गुल से यु तो आयुर्वैदिक औषधि है लेकिन इसक कुछ दुस्प्ररिमाण देखने को मिल सकते है।

  • मुख सम्बन्धित परेशानी आना – योगराज गुग्गुल के सेवन मे मुह से दुर्गन्ध आना, मुह का स्वाद बदल जाना जैसी समस्या देखने को मिलती है
  • पेट सम्बन्धित समस्या – योगराज गुग्गुल से पेट सम्बन्धित विकार जैसे पेट मे जलन, उल्टी, कब्ज, एसीडिटी जैसी समस्या हो सकती है।
  • सिर दर्द और चक्कर आना – योगराज गुग्गुल से शरीर मे सर दर्द और चक्कर आना जैसी समस्या देखने को मिलती है।
  • शरीर मे कमजोरी आना – योगराज गुग्गुल के सेवन से शरीर मे कमजोरी और सुस्ती की समस्या हो सकती है इसके अलावा शरीर से पसीना निकलने जैसे दुस्प्ररिमाण भी देखने को मिले है।

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योगराज गुग्गुल से जुडी सावधानियॉ

योगराज गुग्गुल से से प्रयोग करते समय यह निम्नलिखित सावधानियॉ जरुर बरते ताकि इसके लाभ उठा सकें –

  • योगराज गुग्गुल से पहले हमेशा ही डाक्टरी सलाह जरुर ले डाक्टर शरीर की स्थिति के हिसाब से योगराज गुग्गुल के डोज निर्धारित करेगा और अधिक फायदा मिलेगा।
  • गर्भावस्था और स्तनपान कराने वाली महिलाओ को इसके सेवन हमेशा से ही डाक्टरी सलाह से करना चाहिए और इसके शरीर पर होने वाले रिजल्ट पर भी नजर रखना चाहिए
  • योगराज गुग्गुल को सेवन मे अगर किसी भी तरह के एलर्जी और साईडइफेक्ट देखने को मिले तो इसका सेवन तुरन्त बन्द कर दे।
  • योगराज गुग्गुल का सेवन के साथ साथ अगर पहले से ही किसी दवा का सेवन कर रहे है तो डाक्टरी सलाह ले और डाक्टरी देखरेख मे इसका सेवन करें।
  • गम्भीर रोग जैसे कैन्सर, ऐडस जैसी समस्या होेने पर इसका सेवन ना करे।
  • योगराज गुग्गुल के सेवन करने पर अगर पाचन सम्बन्धित किसी भी तरह की समस्या आ रही है इसका सेवन ना करे।

योगराज गुग्गुल करते समय क्या नही करना चाहिए

  • योगराज गुग्गुल का सेवन खाली पेट करने से बचे अक्सर मरीजो इस दवा के खाली पेट करने से पेट सम्बन्धित समस्या जैसे गैस और एसीडिटी की परेशानी हो जाती है।
  • योगराज गुग्गुल के साथ धुम्रपान और किसी भी तरह के नशे से बचे ऐसा करने से यह दवा गम्भीर परिमाण दे सकती है।
  • योगराज गुग्गुल को ओवर डोज लेने से बचे इसका प्रयोग डाक्टर की बताई गई मात्रा के अनुसार ही करें।
  • योगराज गुग्गुल हमेशा डाक्टर द्वारा बताई गई खुराक के हिसाब से ले अपने हिसाब से इसके खुराक का सेवन ना करे।

FAQ

योगराज गुग्गुलु एक आयुर्वेदिक औषधि है जोकि कई प्रकार की जड़ी बुटीयॉ जैसे अजवाइन,हरितकी,बिभीतकी, गुग्गुल, पिप्पली, अमलकी, सोंठ तत्वो से मिलकर बनी है। इस शरीर मे गठिया रोगो, मे हडिडयो के दर्द और सुजन मे, पेट सम्बन्धित विकार जैसे पेट दर्द, अपच और गैस जैसी समस्या मे बेहद फायदेमन्द होता है। इसके अलावा इसकप प्रयोग वात दोष को ठीक करने के लिए किया जाता है यह शरीर मे युरिक ऐसिड की मात्रा को नियन्त्रित रखने मे मदद करता है।

योगराज गुग्गुलु का सेवन दिन मे 2 बार 1 से 2 गोली भोजन के बाद करना सही होता है इसका सेवन गर्म दुध के साथ भी कर सकते है इस दवा का प्रयोग हमेशा डाक्टरी निर्देशानुसार करें।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल मे हमने योगराज गुग्गुल के बारे मे जाना और पढा की इसके लाभ क्या है और इसका प्रयोग कैसे करना है इसके बारे मे हमने गम्भीर रुप से जाना है यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमे नीचे कमेन्ट करके जरुर बताये और हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमेशे जरुर शेयर करे।

Disclaimer

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें

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हार्ट मरीजो के लिए baidyanath arjunarishta uses in hindi, उपयोग विधि

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वर्तमान समय से हमारे दिल सम्बन्धित विकारो मे तेजी से बढोत्तरी हो रही है जिसके लिए हमारे खान पान का विशेष तौर पर जिम्मेदार है जिसके लिए बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट टानिक एक बेहतरीन औषधि है जोकि हदय सम्बन्धित विकार हार्ट अटैक, नसो मे ब्लाकेज, हदय का अनियमित धड़कना आदि चीजो से बचाता है।

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट 5 आयुर्वेदिक औषधियों से मिलकर बना है जिसका सेवन हमारे दिल के अलावा, किडनी, फेफडे़, पेट अन्य शरीर अंगो के लिए बहुत लाभकारी है |

इस आर्टिेकल मे हम बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के फायदे, नुकसान, इस्तेमाल करने का तरीका सबके बारे मे बताया गया है। जिसका पढ़ कर 50 से ज्यादा लोगो द्वारा इसका उपयोग करके लाभ प्राप्त किया गया है |

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के बारे मे जानकारी

नामबैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट सिरप
प्रोडक्टबैद्यनाथ PVT LTD
दाम162 RUPEES
दवा का प्रकारसिरप
खाने का तरीकामुख से
दवा की अवधि26 महीने
बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के फायदे और नुकसान

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के क्या है ?

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट बैद्यनाथ कम्पनी की तरफ से आने वाला एक आयुर्वेदिक सिरप है जिसमे विभिन्न प्रकार की जड़ी बुटीयॉ जैसे त्रिवृति,लॉन्ग,कली मिर्च, सौन्ठ, सौंफ, धातकी, गोक्षुर जैसे तत्व मौजुद है|

जोकि हमारे शरीर के विभिन्न अंग जैसे पेट, दिल, किडनी, फेफडे के लिए बहुत फायदेमन्द है। डॅाक्टरो द्वारा इसका दिल की सम्बन्धित बिमारीयो मे सुझाया जाता है। यह बाजार मे विभिन्न मुल्यो और वजन मे उपलब्ध है जिसे आप ऑफलाईन औश्र आनलाईन असानी से खरीद सकते है।

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट मौजुद औषधियॉ या जड़ी बुटीयॉ

औषधियॉ या जड़ी बुटीयॉलाभ
त्रिवृतिशरीर से विषैले पदार्थाे को निकालने मे
पाचन तन्त्र को सही रखने मे
गठिया रोग के ईलाज मे
पथरी को सही करने मे
लोैंन्गपाचन के सुधार मे
श्वास नली को दुरुस्त रखने मे
हदय रोग के खतरे को कम करने मे
काली मिर्चसुजन को कम करने मे
पेट को सही रखने मे
पाचन के सुधार मे
सौन्ठश्वास नली को दुरुस्त रखने मे
सर्दी जुखाम से बचाने
एन्टीबैक्टीरियल गुण
सौंफमुह से दुर्गन्ध वाले बैक्टीरिया को मारने मे
पाचन के सुधार मे
धातकीमासिक धर्म मे
डायरिया
चर्म रोग के ईलाज मे
लिकोरिया को ठीक करनेमे
गोक्षुरपुरुषो मे शुक्राणुओ की मात्रा बढ़ाने मे
एण्टीआक्सीडेन्ट से भरपुर
मधुमेह के नियन्त्रण मे
सेक्स इच्छा बढ़ाने मे
baidyanath arjunarishta uses in hindi

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बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के फायदे

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट निम्नलिखित प्रकार के फायदे है –

हदय को दुरुस्त रखने मे

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का प्रयोग हमारे हदय रोग से बचाने के लिए बहुत फायदेमन्द है इसके लाभ के बारे मे बात करे तो इसक इस्तेमाल हदय नसो मे हाने वाले ब्लाकेज, हदयघात, हदय की गति का अनियमित कम ज्यादा होना जैसे विकार से बचाने मे मदद करता है

लम्बे समय हदय रोग से ग्रसित व्यक्ति के लिए इसका नियमित सेवन हदय रोग मे बेहद आराम दिलाता है और लम्बे समय तक हदय स्वस्थ्य रखने मे मदद करता है।

किडनी को स्वस्थ्य रखने मे

किडनी को स्वस्थ्य रखने मे – किडनी हमारे शरीर के विशेष अंग है इसक अच्छे तरीके से काम करना बेहद आवश्यक है इसका कार्य हमारे शरीर मे प्रदुषित और अशुद्व खुन को शरीर से बाहर निकालता है। अगर ये ठीक से काम नही करती है तो हमारे शरीर मे विभिन्न प्रकार की बिमारियों से ग्रसित हो जाता है

जिसके ईलाज मे बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट बेहद लाभकारी है। इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार के जड़ी बुटीयॉ जैसे त्रिवृति, धातकी, गोक्षुर जैसे तत्व हमारे शरीर मे किडनी को स्वस्थ्य रखने मे मदद करता है, और इसकी कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है।

पेट का स्वस्थ्य रखने मे

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का सेवन हमारे पेट के लिए बेहद लाभकारी है इसका ईस्तेमाल पेट मे कब्ज, अपच, पेट साफ ना होना जैसी समस्याओ को ठीक करने मे मदद करता है । पेट हमारे शरीर के सबसे अहम हिस्सा है और शरीर के विकास के लिए पेट का दुरुस्त होना बेहद जरुरी है

पेट से ही हमारे शरीर मे 70 प्रतिशत बिमारीयॉ जुडी होती है इसलिए पेट का स्वस्थ्य रखना बेहद जरुरी है जिसके लिए बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट बहुत ज्यादा प्रभावकारी औषधि है इसमे लान्ग, सौठ, त्रिवृति जैसी आयुर्वेदिक औषधि मौजुद होते है।जोकि पेट को स्वस्थ्य रखने मे मदद करता है।

श्वास नली को स्वस्थ्य रखने मे

वैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का सेवन हमारे श्वास नली के लिए बेहद लाभकारी है इसका उपयोग श्वास नली सम्बन्धित बिमारीयों को दुर करने के लिए किया जाता है इसके सेवन मे आस्थमा, श्वास रोग, नाक बन्द होना, फुसफुसाना जैसे समस्याओ से निजात दिलाने मे मदद करता है।

इसके अलावा इसका उपयोग श्वास मे होने वाले बैक्टीरियल इन्फेक्शन को दुर करने के लिए किये जाते है। इसमे मौजुद सौन्ठ, सौफ जैसे तत्व हमारे श्वास नली को दुरुस्त करने मे मदद करत है।

पुरुषो के प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट को सेवन पुरुषो मे प्रजनन क्षमता को बढा़न मे मदद करता है बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट कई आयुर्वेदिक औषधियॉ जैसे गोक्षुर,त्रिवृति जैसे तत्व मौजुद होते है जोकि शरीर मे प्रजनन क्षमता को बढ़ाते है ।

इसका नियमित इस्तेमाल पुरुषो मे होने वाले शीघ्रपतन, शक्राणुओ की कमी, बाझंपन, ढिलापन जैसी समस्याओ से निजात दिलाने मे मदद करता है।, यह लिंग मे उत्तजेन और नसो मे रक्त प्रवाह को तेज कर देता है जिससे विभिन्न प्रकार के रोगों से छुटकारा मिलता है और शरीर मे सेक्स इच्छा को भी जाग्रित करता है।

ल्युकोरिया के ईलाज मे

ल्युकोरिया महिलाओ मे होने वाला एक विकार है जिसके कारण उनके गुप्तांग से सफेद रंग का पदार्थ निकलाता है एवं सुजन की समस्या भी होती है लेकिन बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का सेवन स्त्रीयो मे ल्युकोरिया की समस्या से निजात दिलाने मे मदद करता है बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट मे मौजुद कई औषधियॉ जैसे धातकी, गोक्षुर जैसे तत्व ल्युकोरिया की समस्या को खत्म करने मे मदद करत है।

मधुमेह के नियन्त्रण मे मदद

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का सेवन शरीर मे मधुमेह के नियन्त्रण मे मदद करता है। इसमे मौजुद औषधि गोक्षुर, लौन्ग जैसे तत्व जोकी शरीर मे इन्सुलिन की कमी नही होने देते है और प्राकृतिक इन्सुलिन का काम करते है। इसका नियमित इस्तेमाल लम्बे समय तक शरीर मे मधुमेह को नियन्त्रण मे सहायक होता है।

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बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का प्रयोग की विधि

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बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट उपयोग करने वाले व्यक्ति की उम्रबैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट की मात्राबैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट दिन मे कितनी बार लेना है।
बच्चे [7-18 वर्ष]डाक्टरी परामर्श सेडाक्टरी परामर्श से
व्यस्क [18-40 वर्ष]3-6 छोटा चम्मच2 बार[ सुबह और शाम]
बुजुर्ग[40-80 वर्ष]3-6 छोटा चम्मच2 बार[ सुबह और शाम]
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बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का प्रयोग बेहद आसान है इसमे आपको एक गिलास मे 30 एम0एल0 गुनगुन पानी लेना है और उसमे 2 से 6 छोटा चम्मच बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट सिरप मिला देना है। उसके बाद इसका सेवन दिन मे 2 बार सुबह और शाम कर सकते है। इसका सेवन भोजन से पहले और बाद कभी भी कर सकते है।

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट से जुड़ी सावधानियॉ

  • बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के उपयोग हमेशा डाक्टरी सलाह से करें।
  • बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के हमेशा सावधानी से धुप और नमी वाली जगहो से बचा कर रखे दवा पर निर्देशित किये गये तापमान पर रखें।
  • डाक्टर द्वारा बताई गई खुराक का पालन करें।
  • बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के लेने के बाद किसी भी तरह के साईडइफेक्ट देखने को मिले तो तुरन्त इसका सेवन बन्द कर दे और डाक्टर से सम्पर्क करें।
  • गर्भावस्था और स्तनपान जैसे समय मे इसका सेवन ना करे।
  • शराब और अन्य एल्कोहल वस्तुओ के साथ इसके सेवन से बचे।।
  • बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट का सेवन गुनगुने पानी के साथ करें।

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बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट के नुकसान

बैद्यनाथ अर्जुनारिष्ट वैसे तो आयुर्वेदिक औषधि है लेकिन गलत तरीके से सेवन और लापरवाही से निम्नलिखित नुकसान और साईडइफेक्ट देखने को मिलते है। (इसके दिये गये दुस्प्रभाव सम्भावित है |)

  • पेट मे दर्द
  • उल्टी आना
  • पेट मे जलन
  • दस्त लगना
  • सर दर्द होना
  • उलझन और चक्कर आना
  • खुजली की समस्या होना
  • सास की समस्या होना

FAQ

अर्जुनारिष्ट को 30 एम0एल0 गुनगुन पानी मे 3 से चम्मच मिलाकर सेवन करना चाहिए इसका सेवन भोजन से पहले और भोजन के बाद कभी भी ले सकते है।

अर्जुनारिष्ट एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग हदय रोगो को दुर करने मे, श्वास रोग के नष्ट करने मे, पाचन को दुरुस्त रखने मे, किडनी को अच्छी तरीके से रखने मे किया जाता है

ठंपकलंदंजी अर्जुनारिष्ट एक आयुर्वेदिक औषधि है और ये काफी प्रभावशाली और जल्दी रिजल्ट देने वाला टोनिक है। इसके विभिन्न प्लेटफार्म पर बहुत ज्यादा सकरात्मक रिव्यू है।

अर्जुनारिष्ट को सेवन भोजन से पहले या बाद मे 3 चम्मच अर्जुनारिष्ट सिरप मे 30 एम एल गुनगुना पानी मिलाकर सेवन करना चाहिए जोकि शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल मे हमने जाना की baidyanath arjunarishta uses in hindi, प्रयोग की विधि, सावधानियॉ, नुकसान क्या है यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमे कमेन्ट करके जरुर बताये हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमशे जरुर शेयर करे धन्यवाद

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जबरदस्त रिजल्ट के लिए कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे और नुकसान

कामा गोल्ड कैप्सूल जानी मानी कैप्सुल है कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे और नुकसान की बात करे तो पुरुषो के लिए जिसका इस्तेमाल शरीर मे चुस्ती फुर्ती और ताकत को बढ़ाने के लिए किया जाता है

इसमे कई प्रकार के आयुर्वेदिक औषधियॉ जैसे शिलाजीत, अश्वगन्धा, किवाच जैसे तत्व पाये जाते है जोकि शरीर के लिए बेहद लाभकारी है।

यह कैप्सुल अपनी जल्दी बेडटाइम और यौन रोगों से परेशान पुरुषो के लिए बेहद लाभकारी है

आज इस आर्टिकल मे हम कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे और नुकसान के बारे सम्पुर्ण जानकारी देगें की इसका फायदे क्या है

और इसका उपयोग कैसे करे आदि, जिसको पढ़ कर अभी तक 100 से ज्यादा लोगो द्वारा लाभ उठाया है।

कामा गोल्ड कैप्सुल क्या है ?

कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे और नुकसान - कामा गोल्ड कैप्सूल खाने का तरीका
कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे और नुकसान – कामा गोल्ड कैप्सूल खाने का तरीका

कामा गोल्ड कैप्सूल पुरुषो के लिए शक्तिवर्धक और स्वास्थ्यवर्धक कैप्सुल है जिसको GANONE (ZOIC Pharmacetical Company LTD) द्वारा बनाया गया है|

इस कैप्सुल मे शिलाजीत, अश्वगन्धा, किवाच, सफेद् मुसली, सतावरी, गोकुसुरा,जायफल जैसी जड़ी बुटीयों को अनोखा मिश्रण है जोकि शरीर की कमजोरी, वीर्यघात,नपुन्सकता, वीर्य मे कमी जैसी समस्याओ को खत्म करते है।

कामा गोल्ड कैसे काम करता है |

कामा गोल्ड कैप्सुल एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसके नियमित इस्तेमाल हमारे शरीर मे रक्त परिसंचरण को बढ़ाने, हार्माेन्ल सन्तुलन को बनाये रखने, थकान और तनाव को कम करने मे मदद करता है।

इसके कारण हमारे शरीर मे टेस्टोरस्टेरोन को बढ़ाने मे मदद करता है। जिसके कारण हमारे यौन रोग समस्याऐ को खत्म करने मे सहायक होता है।

कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे और नुकसान

कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे

कामा गोल्ड कैप्सूल के आयुर्वेदिक कैप्सुल है जिसके निम्नलिखित फायदे है।

शरीर को ताकतवर बनाता है।


कामा गोल्ड कैप्सुल का सेवन शरीर मे कमजोरी को दुर करता है। इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक तत्व जैसे अश्वगन्धा, शीलाजीत,सफेद मुसली, जैसे चमत्कारी जड़ी बुटीयो का मिश्रण है।

जोकि शरीर मे कमजोरी और काम मे मन ना लगने की समस्या को खत्म करता है और शरीर को ताकतवर और ऊर्जावान बनाने मे मदद करता है।


प्रीमेच्योर इजेकुलेशन
से छुटकारा दिलाने मे

कामा गोल्ड कैप्सुल का सेवन हमारे शरीर मे बचपन की गलतीयो के कारण होने वाले
प्रीमेच्योर इजेकुलेशन (सीर्घपतन) से छुटकारा दिलाता है इसमे स्वर्ण भस्म, अश्वगन्धा, और शिलाजीत जैसे तत्व है

जोकि हमारे जनांग मे रक्त का प्रवाह को बढ़ाता है। जिससे हमारे यौन सवस्थ भी अच्छा होता है। और हम अपने यौन जीवन का आनंद उठा पाते है

टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है

कामा गोल्ड कैप्सूल का सेवन शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है। टेस्टोस्टेरोन हमारे शरीर का एक बहुत महत्वपुर्ण तत्व है। जोकि शरीर के विकास के लिए बेहद जरुरी है,

टेस्टोस्टेरोन हमारे दिमाग, शरीर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है। कामा गोल्ड मे मौजुद जडी बुटीयॉ जैसे सफेद मुसली, सतावरी, गोकुसुरा,जायफल तत्व हमारे शरीर के नैचुरल तरीके से टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है। जिससे शरीर का विकास तेजी से होता है।

रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

कामा गोल्ड कैप्सूल को सेवन शरीर मे रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाता है। अक्सर गलत खान पान के कारण हमारे शरीर मे रोगप्रतिरोधक क्षमता मे कमी आती है और हम विभिन्न बिमारीयों के शिकार हो जाते है।

इसकं लिए कामा गोल्ड कैप्सुल का सेवन हमारे शरीर मे रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार के तत्व शरीर मे रोगप्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त करती है। जिससे हम जल्दी बिमार नही पडतें है।

यौन समस्याओ को खत्म करता है

कामा गोल्ड कैप्सूल का सेवन हमारे शरीर मे यौन दुर्बलतासमस्याओ को नाश करता है।

इसमे मौजुद विभिन्न तत्व शिलाजीत,अश्वगन्धा, किवाच,सफेद मुसली आदि हमारे यौन समस्याओ को खत्म करने मे सहायक होते है, इसके साथ यह शरीर मे ऊर्जा के लेवल को भी बढातें है।

शुक्राणुओ की संख्या को बढ़ाता है

कामा गोल्ड कैप्सूल को सेवन शरीर मे शुक्राणुओ की संख्या मे निरन्तर बढ़ाने मे मदद करता है इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार के औषधि तत्व शरीर मे शुक्राणुओ या स्पर्म की संख्या को और क्वालिटी को बढ़ाता है।

जिससे हमारे शरीर मे बाझपन और नामर्दानगी जैसी समस्याओ से छुटकारा मिलता है।

कामा गोल्ड कैप्सूल खाने का तरीका

कामा गोल्ड कैप्सुल का सेवन 2 बार सुबह और शाम गर्म दुध के साथ करना सही होता है यह कोई सेक्स टैबलेट नही है जिसके परिमाण 1 से 2 हफते मे दिखाई देते है। इसका उपयोग डाक्टरी सलाह से करे,

इसका परिमाण तुरन्त नही दिखाता है तुरन्त परिमाण के लिए हिमालाय हिमकोलिन को इस्तेमाल कर सकते है

कामा गोल्ड कैप्सुल को असर दिखाने मे कितना समय लगता है

कामा गोल्ड कैप्सुल जोकि बेहद असरदारक दवाई है पुरुषो के लिए इसके असर की बात करे तो इसके असर 5 से 6 दिनो यह 1 हफते मे असर दिखाई देने लगता है। हालाकि असर उपयोग कर रहे व्यक्ति के स्वास्थ्य, जीवनशैली, और दवाई के खुराक पर भी निर्भर करती है।

कामा गोल्ड कैप्सूल किस काम आता है

कामा गोल्ड कैप्सुल का प्रयोग यौन रोगों, मे कमजोरी और ऊर्जा की कमी, जैसी समस्याओ के ईलाज मे किया जाता है। यह एक आयुर्वेदिक औषधि है जोकि शरीरिक विकास के लिए आवश्यक है।

कामा गोल्ड कैप्सूल कितने दिन खाना चाहिए

कामा गोल्ड कैप्सूल का नियमित रुप से 1 से 2 महीने तक दिन मे 2 बार गर्म दूध या पानी के साथ लेना लाभकारी है। लेकिन इसका इस्तेमाल से पहले एक बार डाक्टरी सलाह जरुर ले।

कामा गोल्ड कैप्सूल के नुकसान

कामा गोल्ड कैप्सूल एक पुरी तरीके से आयुर्वेदिक औषधि है लेकिन इसके कुछ दुस्प्रभाव भी है जोकि निम्नलिखित हो सकते है।

  • शरीर मे तापमान, यौन इच्छा मे बढोत्तरी
  • नींद आने मे समस्या होना
  • ब्लड प्रेशर का बढ़ जाना
  • हार्माेन्ल इनब्लेन्स
  • पेट खराब होने की समस्या

कामा गोल्ड कैप्सूल price

COMPANYMRP
कामा गोल्ड कैप्सुल320 RS (20 CAPSULE)

READ MORE – सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान – सुप्राडिन टैबलेट लेने का तरीका क्या है ?

कामा गोल्ड कैप्सुल से सावधानियॉ

  • इसका उपयोग डाक्टरी सलाह से करें
  • इसक उपयोग केवल पुरुषो के लिए है महिलाऐ इसका सेवन नही कर सकती है।
  • इसका सेवन करते समय ध्रुमपान और ऐल्कोहल के सेवन से बचे।
  • इसके सेवन के बाद किसी भी तरह के साईड इफेक्ट होने पर इसका प्रयोग बन्द कर दे।
  • कैन्सर और अन्य गम्भीर बिमारीयों की दवा के साथ इसका सेवन से पहले डाक्टरी परामर्श जरुर ले।

कामा गोल्ड कैप्सुल का सेवन किसको नही करना चाहिए

  • कामा गोल्ड कैप्सुल का सेवन गर्भवती स्त्री को नही करना चाहिए
  • हार्ट के मरीजो को इसको सेवन करने से बचना चाहिए
  • 14 साल के कम उम्र के बच्चो को इसका सेवन नही करना चाहिए
  • हाई डायबटीज वाले मरीजो को इसका सेवन नही करना चाहिए

FAQ

कामा गोल्ड कैप्सुल मे कई प्रकार की जडी बूटीया और विटामिन्स होते है जिसके लाभो की बात करे तो यौन रोग के इलाज़ में , टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाने, मानसिक और शरिरिक रुप से मजबुत बनाने, दिमागी विकास और तनाव कम करने मे मदद करता है।

कामा गोल्ड कैप्सूल – 320 rs (20 Capules)

कामा गोल्ड कैप्सुल बाजार मे मिलने वाली एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका कार्य पुरुषो मे यौन स्वास्थ्य को बढाने, उर्जा स्तर मे वृ़िद्ध करने, मानसिक स्वास्थ्य मे सुधार करने, हार्माेन्ल सन्तुलन को बनाये रखने मे मदद करता है। यह यौन समस्याओ से जुझ रहे पुरुषो के लिए बेहद फायदेमन्द है

कामा गोल्ड कैप्सुल का सेवन रात को सोन से पहले और दोपहर मे खाना खाने के बाद प्रयोग किया जाता सकता है इसके अच्छे रिजल्ट के लिए इसका प्रयोग नियमित रुप से करे।

निष्कर्ष

हैलो दोस्तो इस आर्टिकल मे हमने कामा गोल्ड कैप्सुल के बारे मे जानकारी दी है जोकि शरीर के लिए काफी ज्यादा लाभकारी है और हमन जाना की कामा गोल्ड कैप्सूल के फायदे और नुकसान, इसको लेना कैसे, सावधानी क्या रखनी है सबके बारे मे इसपे चर्चा की है

आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेन्ट करके जरुर बताये और हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमारे साथ जरुर शेयर करे।

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महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान-महारास्नादि काढ़ा बनाने की विधि

महारास्नादि काढ़ा एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के शरीर के के दर्द मे किया जाता है और लम्बे समय तक आयुर्वेदिक और प्राचीन ईतिहास मे इसका उपयोग होता है इसका प्राय सेवन जोडों मे दर्द, कमर दर्द, वात पित्त और कफ को ठीक करने मे, श्वासन सम्बन्धित विकार के लिए इसका प्रयोग किया जाता है,

महारास्नादि काढ़ा कई प्रकार की औषधियो से मिलकर बना होता है आज इस आर्टिकल की मदद से हम महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान , ईस्तेमाल करने का तरीका, तथा इसके नुकसान क्या है इसके बारे मे इस आर्टिकल मे बताया गया है।

यह काढ़ा आसानी से मार्केट मे उपलब्ध मे है और इस काढ़े को डाबर, झण्डु, बैद्यनाथ जैसी कम्पनी द्वारा बनाया जाता है जोकि आनलाईन और ऑफलाईन आसानी से उपलब्ध है।

महारास्नादि काढ़ा के बारे मे जानकारी

नाममहारास्नादि काढ़ा
ब्रान्डडाबर, झण्डु, बैद्यनाथ
उपयोगजोडों मे दर्द, कमर दर्द, वात पित्त कफ को ठीक करने मे, श्वासन सम्बन्धित विकार
युक्त सामग्रीअरण्डी, हरीटकी, देवदार सोठ, अडुषा, बाला तुलसी, सौफ अदरक, अजवाईन, धनिया, दालचीनी, गुड़
दाम160 RS – 270 RS
मात्रा400 ML
महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान

महारास्नादि काढ़ा की सामग्री

सामग्रीफायदे
अरण्डीगठिया रोगो मे,
चर्म रोग मे
पेट सम्बन्धित विकार मे,
एन्टीईन्फलेमेटरी गुण
हरीटकीपाचन के सुधारने मे
श्वास सम्बन्धित विकार मे
कब्ज के ईलाज मे
चर्म रोग मे
शरीरिक मानसिक रोग में
देवदारश्वासन सम्बन्धित विकार मे
मासपेंशियो दर्द ठीक करने मे
पेट सम्बन्धित विकार मे
जोडो के दर्द मे
प्राकृतिक एन्टीबैक्टीरियल गुण
सोठपाचन मे सुधार करने मे
गैस के ईलाज मे
मसुडो की सेहत ठीक करने मे
जुखाम मे लाभकारी
अडुषापाचन मे सुधार करने
जुखाम और सर्दी मे
हदय रोग मे
जोडो के दर्द मे
मधुमेह रोग मे
बालाश्वासन सम्बन्धित विकार मे
जोडो के दर्द मे
उच्च रक्तचाप मे
मोटापे मे,
डायबटीज मे
वात विकार में
तुलसीसर्दी जुखाम मे
मानसिक स्वास्थ्य सही करने मे
हदय रोग से बचाने मे
डायबटीज को कम करने मे
श्वास सम्बन्धित विकार मे
एन्टीआक्सीडेन्ट
अदरकपाचन सुधारना
न्यूरोपैथी दर्द
सर्दी और जुखाम मे
जोड़ो के दर्द म
मानसिक स्वास्थ्य मे
एंटीऑक्सिडेंट्स
दालचीनीमधुमेह के ईलाज मे
मुह से बदबु और छाले ठीेक करने मे,
पाचन को सुधारने
मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में
गुड़हमोग्लोबिन को बढ़ाने मे
मासपेशियो को स्वस्थ्य रखने मे
पाचन को सही रखने मे
एन्टी आक्सिडेन्ट से भरपुर
अजवाईनपाचन को सुधारने मे
दर्द से आराम मे
सुजन को कम करने मे
मुह और दॉतो को स्वस्थ्य रखने मे
महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान

महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान

महारास्नादि काढ़ा के फायदे और उपयोग

महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान
महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान

महारास्नादि काढ़ा शरीर के लिए बहुत लाभकारी है आईए जानते है इसके लाभ क्या है

मॉसपेशियो के दर्द मे

महारास्नादि काढ़ा उपयोग मासेपेंशियो के दर्द के लिए फायदेमन्द है इसका नियमित इस्तेमाल हाथो पैरो मे होने वाले असमान्य दर्द जोकि कभी कभी असहनीय स्थिति मे आ जाते है,उसमे आराम पहुचाता है।

मासपेशियो को दर्द विभिन्न कारणो जैसे पुरानी चोट, नसो मे खिचाव आदि के ईलाज मे महारास्नादि काढ़ा के उपयोेग काफी लाभकारी है। महारास्नादि काढ़ा मे अरण्डी, देवदार, अडुषा, अदरक, गुड़ जैसी औषधियॉ मिली होती है। जोकि मासपेेशियों के लिए बेहद लाभकारी है।

पाचन को सही करने मे

महारास्नादि काढ़ा को सेवन पाचन को दुरुस्त करने मे बहुत सहायक है इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार की जड़ी बुटीयॉ जैसे दालचीनी, गुड़, अडूषा, सोंठ आदि हमारे पाचन को ठीक करने मे सहायक है

एवं इसका नियमित इस्तेमाल हमारे पेट मे होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्या जैसे अपच, पेट फुलना, कब्ज ऐसिडीटी से आराम दिलाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने मे

महारास्नादि काढ़ा को सेवन शरीर मे रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़़ाता है अकसर गलत खान पान है हमारी कुछ खराब आदतो के कारण हमारे शरीर मे रोगो से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है जिससे हम जल्दी बिमार पड़ने लगते है

जिसमे महारास्नादि काढ़ा का सेवन हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ साथ इसमे मौजुद विभिन्न औषधियॉ जैसे देवदार,अदरक, अजवाईन, हरीकटी हमारे शरीर को अन्दर से मजबुत बनाते है।

श्वासन सम्बन्धित बिमारीयो को दुर करने मे

महारास्नादि काढ़ा का उपयोग श्वास से सम्बन्धित विकार जैसे दमा,सास का उखड़ना, बेचैनी महसुस होना जैसी समस्याओ से निजात दिलाने मे मदद करता है। इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार की जडी बुटीयॉ जैसे तुलसी, हरीकटी,देवदार बाला जैसे तत्व हमारे श्वासन तन्त्र को मजबुत बनाने मे मदद करते है

मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

महारास्नादि काढ़ा का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है इसका उपयोग करने से तनाव और चिंता मे कमी आती और हमारी नीद भी अच्छी होती है। इसमे विभिन्न प्रकार का औषधियॉ जैसे तुलसी अदरक हमारे मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने मे मदद करते है जिससे हमारे दिमाग पर सकरात्मक असर पड़ता है।।

वात पित्त और कफ सन्तुलन बनाऐ रखने मे

महारास्नादि काढ़ा का उपयोग हमारे शरीर मे वात, पित्त और कप का सन्तुलन बनाऐ रखने मे मदद करता है इसके असन्तुलन के कारण हमे विभिन्न प्रकार के रोग जैसे बदन दर्द, जोड़ो मे दर्द, पेट की समस्या , सास, गले और फेफडे की समस्या का सामना करना पड़ता है। महारास्नादि काढ़ा मे मौजुद अडूषा, बाला, दालचीनी जैसे तत्व हमारे शरीर मे वात, पित्त और कफ का सन्तुलन बनाये रखने मे मदद करते है।

डायबटीज को ईलाज मे

महारास्नादि काढ़ा का सेवन डायबटीज या सुगर के मरीजो मे बहुत लाभकारी है। इसका उपयोग शरीर मे इन्सुलिन का मात्रा प्रकृतिक रुप से बनाऐ रखने मे मदद करता है

इसमे विभिन्न प्रकार की जड़ी बुटीयॉ जोकि डायबटीज को नियन्त्रण रखने मे मदद करता है। डायबटीज का सीधा असर हमारे शरीर के जरुरी अंगो पर पड़ता है। महारास्नादि काढ़ा का सेवन डायबटीज के लिए किसी वरदान से कम नही है।

शरीर मे खुन की मात्रा को बढ़ाता है

महारास्नादि काढ़ा का सेवन शरीर मे खुन की मात्रा को बढ़ाने मे मदद करता है। इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार के तत्व गुड़ बाला, हरीकटी हमारे शरीर मे रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देते है एवं इसका सेवन शरीर मे हेमोग्लोबिन और रक्त कोशिकाओ के उत्पादन को बढाता है जिससे शरीर मे तेजी से खुन बनता है।

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महारास्नादि काढ़ा सेवन की विधि | महारसनादि काढ़ा कैसे पिएं?

  • बच्चे और किसी भी रोग से पीड़ित व्यक्ति इसक इस्तेमाल डाक्टरी सलाह से करे।
उम्रमात्राकितनी बार लेना है,किसके साथ मिलाकर लेना है।
बच्चे2-3 चम्मच2 बार (सुबह-शाम)एक गिलास गुनगुने पानी मे मिलाकर
व्यस्क (पुरुष-स्त्री)
3-6 चम्मच2 बार (सुबह-शाम)एक गिलास गुनगुने पानी मे मिलाकर
बुजुर्ग3-6 चम्मच2 बार (सुबह-शाम)एक गिलास गुनगुने पानी मे मिलाकर
महारास्नादि काढ़ा के फायदे और नुकसान

महारास्नादि काढ़ा किस काम आता है

औषधि है जिसका सेवन हमारे विभिन्न प्रकार के शरीर मे होने वाली समस्याओ जैसे श्वासन सम्बन्धित विकार मेएजोडो के दर्द मे,उच्च रक्तचाप मे,मोटापे मे,डायबटीज मे,वात विकार को सही करने और शरीर को निरोगी रखने मे मदद करता है। इसमे अरण्डी,हरीटकी, देवदार, सोठ, अडुषा,बाला,तुलसी जैसी आयुर्वेदिक औषधियों मिली हुई है।

महारास्नादि काढ़ा के नुकसान

महारास्नादि काढ़ा के से निम्नलिखित दुस्प्रभाव हो सकते है।।महारास्नादि काढ़ा के नुकसान. की बात करे तो ये पुरी तरीके से आयुर्वेदिक है लेकिन अधिक मात्रा मे या गलत तरीके से सेवन करने पर निम्नलिखित दुस्प्रभाव देखने का मिल सकते है –

  • पेट मे दर्द होना
  • शरीर से पसीना आना
  • हदय गति बढ जाना
  • पेट खराब होना
  • चक्कर आना
  • उल्टी जैसा महसुस होना
  • अपच
  • दस्त लगना
  • गैस की समस्या होना
  • शरीर पर दाने निकलना

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महारास्नादि काढ़ा प्रयोग से सावधानियॉ

महारास्नादि काढ़ा के प्रयोग के समय निम्नलिखित सावधानी बरतनी चाहिए

  • इसका सेवन अधिक मात्र मे करने से बचना चाहिए
  • अधिक शराब के सेवन करने वाले लोगों महारास्नादि काढ़ा का सेवन नहीं करना चाहिए
  • बच्चों को स्तनपान करने वाली महिलाओ को इसके सेवन से बचना चाहिए
  • गर्भवती महिलाओ को महारास्नादि काढ़ा का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए
  • किसी भी तरह का साइड इफेक्ट देखने पर इसका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए
  • शुगर के मरीज इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए
  • केन्सर ओर अन्य गंभीर बीमारी की दसा इसका सेवन करने से बचना चाहिए

FAQ

महारास्नादि काढ़ा आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग विभिन्न प्रकार की शरीर मे होने वाली परेशानी जैसे जोड़ो के दर्द मे, कफ और पित का बढ़़ना, अपच की समस्या, की बिमारीयो को ठीक करने मे बहुत उपयोगी है इसके अलावा इसका उपयोग शरीर मे हीमोग्लोबिन की मात्रा को भी बढ़ाता है।

महारास्नादि काढ़ा का इस्तेमाल हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है इसका इस्तेमाल हमारे वाद, कफ दोष को खत्म करता है, इसके अलावा इसका नियमित इस्तेमाल गठिया के ईलाज मे, जोडो के दर्द मे, सर्दी और जुखाम मे बहुत लाभदायक होता है।

महारास्नादि काढ़ा का सेवन एक गिलास पानी मे 3 से 6 चम्मच काढ़ा मिलाकर दिन मे 2 बार सुबह शाम भोजन के बाद करना अच्छे परिमाण देता है।

निष्कर्ष

आज इस आर्टिकल मे हमने महारास्नादि काढ़ा के बारे मे जाना और यह भी जाना की इसका सेवन किस प्रकार करते है यह बहुत ज्यादा प्रभावशाली काढ़ा है आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेन्ट करके जरुर बताये और हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमसे जरुर शेयर करे

Disclaimer

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें

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सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान – सुप्राडिन टैबलेट लेने का तरीका क्या है ?

सुप्राडिन एक मल्टीविटामिन टैबलेट है जोकि पीरामल फार्मा लिमिटेडड कम्पनी द्वारा निर्मित किया जाता है इसमे विटामिन बी कॉन्प्लेक्स, विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, जैसे कई सारे विटामिन और मिनिरल्स मौजुद है|

जोकि हमारे दिल,त्वचा,ऑखे, जैसे अन्य शरीर के लिए जरुरी है तत्व है जोकि डाक्टरो द्वारा विशेष रुप से शरीरिक विकास, दिमागी विकास, हडिडयो के विकास के लिए दिये जाते है इस आर्टिकल मे सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान के साथ अन्य जानकारी के बारे में मे सम्पुर्ण जानकारी इस आर्टिकल मे दी गई है|

सुप्राडिन टैबलेट के बारे मे जानकारी

नामसुप्राडिन टैबलेट
कम्पनीपीरामल फार्मा लिमिटेडड
दवा का प्रकारटैबलेट
दवा का टाईपमल्टीविटामिन
कीमत3.01 RS/ 1 टैबलेट
मौजुदा तत्वविटामिन बी कॉन्प्लेक्स, विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, सेलेनियम, सोडियम मोलिब्डेट, मैगनीशियम सल्फेट,
सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान

सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान

सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान
सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान

सुप्राडिन टैबलेट के फायदे

सुप्राडिन एक मल्टीविटामिन टैबलेट जोकि डाक्टरो द्वारा शरीर मे विभिन्न प्रकार की समस्या होने पर दी जाती है और इस टैबलेट के बहुत सारे फायदे है जोकि निम्नलिखित है-

दिमागी विकास मे

सुप्राडिन टैबलेट का उपयोग हमारे दिमागी विकास के लिए बेहद आवश्यक होता है इसमे विटामिन बी, जिंक, एल ग्लुटोमाईक एसिड होता है जोकि दिमागी विकास और दिमाग के कार्य करने की क्षमता को बढाता है, इससे हमारी सोचने और समझने की क्षमता भी बढ़ती है, इसके अलावा यह दिमाग की एकाग्रता को बढ़ाने मे भी मदद करता है ।

त्वचा को स्वस्थ्य रखने मे

सुप्राडिन हमारे त्वचा के लिए बेहद उपयोगी और फायदेमन्द है इसमे विटामिन ए, जिंक, विटामिन ई, जैसे विटामिन और मिनिरल्स है जोकि हमारे त्वचा मे बैक्टीरियल इन्फेशन से बचाने मे, चोट से जल्दी ठीक होने मे, और त्वचा की सेहत और नमी बनाये मे मदद करता है, इसके उपयोग से त्वचा पर रुखापन और बेजान त्वचा को खत्म करके उसकी जगह नई स्कीन या त्वचा को लाने मे मदद करता है।

रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने मेे

सुप्राडिन टैबेलेट का प्रयोग रोगप्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त करने और रोग से बचाने मे मदद करता है। इसमे विटामिन बी काम्पलैक्स, जिंक, एमिनो एसिड, कॉपर सल्फेट जैसे तत्व होते है जोकि हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार की बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बचाते है। इसका नियामित इस्तेमाल हमें लम्बे समय तक स्वस्थ्य और सेहतमंन्द रखने मे मदद करता है।

ऑखो के लिए फायदेमन्द

सुप्राडिन टैबेलट का प्रयोग हमारे ऑखो के लिए बेहद फायदेमन्द है यह हमारी ऑखो के होने वाले अन्धेपन, धुंधला दिखाई देना, मोतियोबिन्द, जैसी समस्याओ से बचाते है इसमे विटामिन ए, विटामिन सी, विटज्ञमिन ई जोकि आखो को कुल मिलाकर स्वस्थ्य रखने मे मदद करता है।

पेट का दुरुस्त रखने मे

सुप्राडिन का प्रयोग पेट के लिए बेहद लाभकारी है यह हमारे पेट की समस्या जैसे पेट मे अल्सर, अपच, दर्द जैसी समस्यो से निजात दिलाता है। और खाना पचाने मे भी सहायक होता है। जिससे हमारे शरीर मे भोजन तेजी से लगता है और शरीर का विकास होता है।

स्टेमिना और ताकत को बढ़ाने मे

सुप्राडिन टैबलेट का हमारे शरीर के स्टेमिना और ताकत को बढ़ाता है जिससे हमारे शरीर मजबुत और ठोस बनता है इसमे एल ग्लुटोमाईक एसिड, जिंक, सेलेलियम, मैग्नीशियम सल्फेट, एमिनो एसिड जैसे तत्व पाये जाते है जोकि शरीर को स्टेमिन और ताकत को बढ़ाने मे मदद करता है।

बिमारीयो के खतरे को कम करने मे

सुप्राडिन टैबलेट शरीर को विभिन्न बिमारियो जैसे – स्ट्रोक, पेट के कैन्सर, फेफडो के कैंसर, हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है। यह हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षता को बढाता है जिसके कारण हमारा शरीर ऐसी गम्भीर बिमारियो से बच जाता है।

सुप्राडिन लेन का तरीका । खुराक

  • सुप्राडिन टैबलेट को प्रयोग डाक्टरी सलाह से करे
  • बिमारी के अनुसार डोज बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
उम्र
कितनी बार देना है
सुबह (भोजन के बाद)दोपहर(भोजन के बाद)सांय(भोजन के बाद)
बच्चे (4-16) तक बच्चो मे11
व्यस्क (18-40) तक11
बुजुर्ग (40-60)11
सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान

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सुप्राडिन टैबलेट डायबटीज के लिए

सुप्राडिन टैबलेट का प्रयोग डायबटीज मरीजो को डाक्टरी सलाह से करना चाहिए, सुप्राडिन टैबेलेट मे सुगर की मात्रा होती है जोकि डायबटीज के मरीजो मे सुगर लेवल बढ़ा सकती है।

सुप्राडिन टैबलेट कीमत

पैककीमत
60 tablets209 RS
1 tablets 3.1 RS
सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान

सुप्राडिन टैबलेट के नुकसान

सुप्राडिन टैबलेट एक मल्टीविटामिन दवा है जोकि अधिक ओवर डोज लेने पर या गलत तरीके से सेवन पर निम्नलिखित दुस्प्रभाव देखने को मिल सकते है।

  • शरीर मे एलर्जी
  • चेहरे पर मुहासे
  • पेट मे ऐठन
  • मधुमेह का बढना
  • शरीर मे कमजोरी महसुस होना
  • त्वचा पर दाने निकलना
  • शरीर की मासपेशियो मे दर्द का अनुभव होना

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सुप्राडिन टैबलेट कैसे काम करता है ?

सुप्राडिन टैबलेट एक मल्टीविटामिन टैबलेट है जिसका इस्तेमाल शरीर मे जरुरी विटामिन, और मिनिरल्स की कमी को पुरा करने के लिए डाक्टरो द्वारा दी जाती है। इसमे विटामिन बी कॉन्प्लेक्स,विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, सेलेनियम, सोडियम मोलिब्डेट, मैगनीशियम सल्फेट,जैसे तत्व मौजुद है

जोकि हमारी आखे, दिल दिमाग, पेट त्वचा, दिमागी विकास, रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाने, शरीर ताकत और स्टेमिना को स्वस्थ्य रखने तथा बढ़ाने के लिए किया जाता है।

सुप्राडिन टैबलेट मौजुदा तत्व

  • विटामिन बी कॉन्प्लेक्स
  • विटामिन बी
  • विटामिन डी
  • विटामिन सी
  • विटामिन ए
  • विटामिन ई
  • सेलेनियम
  • सोडियम मोलिब्डेट
  • मैगनीशियम सल्फेट
  • जिंक
  • मैग्नीशियम
  • एल-ग्लुटोमाईक
  • एमिनो एसिड

बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान

सुप्राडिन टैबलेट लेते समय सावधानिया

  • इस दवा को इस्तेमाल डाक्टर के आदेशनुसार करें।
  • दवा की एक्सपाईर पर नजर रखें।
  • इसकी ओवर डोज से बचे।
  • गम्भीर बिमारी मे इसका सेवन डाक्टरी सलाह से करें
  • किसी भी प्रकार की पेट की समस्या होने पर इसका सेवन ना करें।
  • छोटे बच्चो से दवा को दूर रखे
  • सही खुराक और दिये गये निर्देश का पालन करें।
  • किसी भी तरह के साईड इफेक्ट देखने को मिले तो तुरन्त डाक्टर से सम्पर्क करें।

सुप्राडिन टैबलेट नही करना चाहिए

सुप्राडिन टैबलेट का विभिन्न प्रकार की अवस्था मे नही करना चहिए

  • गर्भावस्था के दौरान
  • स्तनपान करने वाली महिलाऐ
  • 6 साल से छोटे बच्चो को
  • गम्भीर रोंगो के लिए चल रही दवा के साथ इसका सेवन नही करना चाहिए
  • किसी भी प्रकार की एलर्जी की अवस्था में।

FAQ

सुप्राडिन टैबलेट एक मल्टीविटामिन टैबलेट है जोकि हमारी आखो के स्वस्थ्य रखने, बालो को मजबुत करने, हमारे पेट को स्वस्थ्य रखने, हमारे दिमाग के विकास मे, कैंसर के बचाव के लिए, हडिडयो के विकास के लिए बहुत उपयोगी है डाक्टरो द्वारा इसकी नियमित रुप से खाने की सलाह दी जाती है।

सुप्राडिन टैबलेट एक मल्टीविटामिन टैबलेट है जोकि डाक्टरो द्वारा शरीर विभिन्न प्रकार की विटामिन की कमी को पुरा करने के लिए किया जाता है जैसे विटामिन बी कॉन्प्लेक्स,विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई] सेलेनियम, सोडियम मोलिब्डेट, मैगनीशियम सल्फेटइसके अलावा इसका नियमित उपयोग हमारे बालो, दिल, दिमागी विकास, हडिडयो की सेहत के लिए, बहुत लाभकारी है।

सुप्राडिन टैबलेट पुरुषो के लिए बहुत उपयोगी है इसका इस्तेमाल पुरुषो मे दिल को दुरुस्त रखने मे, रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, हडिडयो को मजबुत रखने, कैन्सर से बचाव मे, सेक्स समस्याओ के निजात मे बहुत लाभकारी है।

सुप्राडिन टैबलेट मे विटामिन बी कॉन्प्लेक्स

विटामिन बी

विटामिन डी

विटामिन सी

विटामिन ए

विटामिन ई

सेलेनियम

सोडियम मोलिब्डेट

मैगनीशियम सल्फेट

जिंक

मैग्नीशियम जैसे विटामिनस मौजुद है।।

मल्टीविटामिन प्रतिदिन लेने के लिए हमेशा से ही डाक्टरी सलाह का उपयोग करे। किसी भी दवा का सेवन आपकी दिनचर्या और खान पान पर निर्भर करता है निम्नलिखित स्थिति मे इसका प्रयोग प्रतिदिन किया जा सकता है।
1.बुजुर्ग द्वारा
2.एथिलिट जिनको पुरा विटामिन की कमी पुरी नही हो पा रही है।

निष्कर्ष

सुप्राडिन टैबलेट के फायदे और नुकसान के बारे मे इस आर्टिकल मे हमने बताया है यह टैबलेट के बहुत सारे फायदे है लेकिन इसका इस्तेमाल हमेशा से ही डाक्टरी सलाह से ही करना सही होता है इस टैबलेट को लेकर आपका क्या कहना है हमको कमेन्ट करके जरुर बताये और हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमेशे जरुर शेयर करें।

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इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें

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बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान -बिग जैक का ईस्तेमाल कैसे करते है ?

बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान -बिग जैक का ईस्तेमाल कैसे करते है ?

हैलो दोस्तो वर्तमान समय मे यौन दुर्बलता की समस्याऐ काफी आम हो गई हैै, जिसके कारण हमारे वैवाहिक जीवन और स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पडता है इसका सबसे बडा कारण शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की कमी है, इसके ईलाज मे बिग जैक कैप्सुल का प्रयोग काफी लाभदायक होता है |

इसका प्रयोग हमारे शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा का बढाता है जिससे हमारे शरीर मे यौन दुर्बलता और हमारे शरीर का विेकास तेजी से होता है, इसका प्रयोग शरीर मे यौन शक्ति को बढाने और शरीर को मजबुत करने मे सहायक होता है।

लेकिन इस कैप्सुल को लेना कैसे है और इसके प्रभाव और दुष्प्रभाव क्या है जिसका पुरी जानकारी इस आर्टिकल मे दी गई इसको पढ़ कर 50 से ज्यादा लोगो ने इसका लाभ लिया है।

बिक जैक के बारे मे जानकारी

नामबिग जैक कैप्सूल
कम्पनीएन0के0बी0 प्रोडेक्ट
मात्रा120 GRAM
उपयोगइरेक्टाइल डिसफक्शन, स्पर्म काउन्ट को बढाने मे, मासपेशियो को मजबुत बनाने में
मौजुदा तत्वअश्वगन्धा, सफेद मुसली, गोकशारा, कौंच बीज, सतावरी
मुल्य1075-1789 RS
बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान

बिग जैक कैप्सूल क्या है

बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान
बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान -बिग जैक का ईस्तेमाल कैसे करते है ?

बिग जैक कैप्सुल एन0के0बी0 प्रोडक्ट की तरफ से आना वाला प्रकृतिक टेस्टोस्टेरोन बुस्टर है इसका प्रयोग शरीर मे उर्जा को बढाने, मासपेशियो के जल्द रिकवरी करने, यौन दुर्बलता जैसे शीघ्र पतन, इरेक्टल डिसफक्शन, काम इच्छा मे कमी जैसी समस्याओ से निजात दिलाता है |

इसमे अश्वगन्धा, सफेद मुसली, गोकशारा, कौंच बीज, सतावरी जैसे प्राकृतिक तत्व मौजुद होते है। यह बाजार मे आसानी से उपलब्ध है इसका मुल्य 120 ग्राम के पैक का 1300 से 1700 के आस पास बढता घटता रहता है, इस पैक मे 30 टैबलेट होती है।

बिग जैक कैप्सूल मे उपयोग तत्व

अश्वगन्धा – तनाव को कम करने मे करता है | ये सभी तरीके की सेक्स समस्याओ मे लाभकारी, रोगप्रतिरोध क्षमता को बढाता है, तंन्त्रिका तन्त्र को मजबुत करता है।

सफेद मुसली– शरीर मे उर्जा को बनाये रखता है, तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी, शरीर के अंगो के लिए लाभकारी,

गोकशारा– सेक्य ड्राईव मे मदद, मूत्र सम्बन्धित रोगो के ईलाज के लिए हार्माेन्ल सन्तुलन के ईलाज मे, शरीरिक वृ़िद्ध मे मदद

कौंच बीज– नपुन्सकता को दुर करने के लिए, दिमागी विकास के लिए, आखो के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी, शरीर मे उर्जा और विकास मे

सतावरी– प्रजनन क्षमता को बढाने मे,हार्मोन्ल सन्तुलन बनाये रखने मे, पेट की समस्याओ मे लाभकारी

बिग जैक कैप्सूल के फायदे और नुकसान

बिग जैक कैप्सूल के फायदे

बिग जैक कैप्सुल के बेहतरीन यौनदुर्बलता दुर करने और शरीर के विकास के लिए बहुत लाभकारी है इसके निम्नलिखित लाभ है-

टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है

बिग जैेक कैप्सुल का सेवन शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है जोकि शरीर के विकास और सेक्स जीवन को अच्छा रखनेमे मदद करता है।


काम इच्छा को बढ़ाने मे

बिग जैक कैप्सुल का प्रयोग काम इच्छा को बढ़ाने मे किया जाता है इसमे इसमे पाये जाने वाले प्राकृतिक तत्व अश्वगंधा, सफेद मुसली, और कौंच बीज जोकि प्राकृतिक रुप से सेक्सुल इच्छा को बढ़ाते है जिससे शारीरिक सम्बन्धो का लाभ अच्छे तरीके से ले पाते है।

प्री मच्योर इजेकुलेशन (शीघ्रपतन) से छुटकारा

बिग जैक कैप्सुल का सेवन हमारे शरीर मे गलत खान पान, बचपन की गलत आदतो के कारण शीघ्रपतन यानि प्री मच्योर इजेकुलेशन के ठीक करने मे मदद करता है इसमे मौजुद विभिन्न प्रकार की जड़ी बुटीयो हमारे यौन रोगो को खत्म करती है और हमारे पार्टनर के सामने शर्मिन्दा होने से बचाती है।

शरीर मे ऊर्जा और शक्ति को बढ़ाने मे

बिग जैक कैप्सुल का सेवन हमारे शरीर मे ऊर्जा और शक्ति को बढ़ाता है इसमे मौजुद सफेद मुसली,कौंच बीज. हमारे शरीर को मजबुत और ऊर्जावान बनाने मे मदद करता है जिसके कारण शरीर मे थकान और कमजोरी दुर हो जाती है।

शरीर के रोगप्रतिरोधक क्षमता का बढाने मे

बिक जैक कैप्सुल का सेवन हमारे शरीर मे रोगप्रतिरोधत क्षमता को बढ़ाने मे मदद करता है इसमे मौजुद सेफद मुसली, अश्वगन्धा मे कुछ ऐसे तत्व पाये जाते है जोकि हमारे शरीर मे रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबुत करता है जिसके कारण हमारा शरीर जल्दी जल्दी बिमार नही पड़ता है।

हार्मोन्ल सन्तुलन बनाये रखने मे

वर्तमान मे खान पान की गलत आदतो के कारण हमारे हर्माेन्स मे असन्तुलन हो जाता है जिसके कारण मुहासे और सेक्स मे समस्याऐ उत्पन्न होती है, इसके ईलाज के लिए बिग जैक का सेवन काफी फायदेमन्द है यह हमारे हर्माेन्स का संन्तुलन बनाये रखने मे मदद करता है।

मसल्स रिकवरी मे मदद

बिग जैक का सेवन हमारे शरीर मे मसल्स रिकवरी मे मदद करता है इसके कारण हमारे शरीर का तेजी से विकास होता है और हमारा शरीर मे मजबुत और ठोस बनता है।


नपुन्सकता को दुर करने मे

बिग जैक का सेवन हमारे शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है जिसके कारण शरीर मे नपुन्सकता और अन्य सेक्स समस्याओ मे लाभ मिलता है।

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बिग जैक कैप्सुल का सेवन 1 दिन मे 2 बार सुबह और शाम गर्म दुध या गुनगुन पानी के साथ करना चाहिए |

बिग जैक कैप्सुल कब खाना चाहिए

बिग जैक कैप्सुल का सेवन खाना खाने के बाद गर्म पानी या गुनगुन दुध के साथ इसका सेवन करना चाहिए

बिग जैक कैप्सुल कितने दिन मे असर करता है ?

बिग जैक कैप्सुल का नियमित इस्तेमाल करने पर यह 15 से 20 दिन मे अपना असर दिखाना शुरु करता है और और इसके पुरी तरीके से असर मे 1.5 से 2 महिने का समय लगता है।

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बिग जैक कैप्सुल के दुस्प्रभाव

बिग जैक कैप्सुल का सेवन वैसे तो शरीर के लिए लाभकारी है लेकिन इसके कुछ साईड इफेक्ट देखने को मिल सकते है।

एलर्जी – इसका सेवन शरीर मे एलर्जी पैदा कर सकते है जिसके कारण शरीर मे दाने, खुजली जैसी समस्या हो जाती है।


मुहासे और पीेम्पल का निकलना – बिग जैक का सेवन शरीर मे अतिरिक्त गर्मी को बढ़ा सकता है जिसके कारण शरीर मे दाने और पीम्पल निकलने लगते है।


पाचन सम्बन्धित विकार – बिग जैक का गलत तरीके से सेवन पाचन तन्त्र को खराब कर सकता है जिसके कारण अपच, उल्टी, खटटी डकार जैसी समस्या हो जाती है।


पसीना आना – बिग जैक का सेवन शरीर मे अतिरिक्त ऊर्जा शरीर को मिलती है जिसके कारण शरीर से पसीना निकलने लगता है।

बिग जैक कैप्सुल का सेवन मे सावधानिया

  • बिग जैक कैप्सुल के अधिक सेवन से बचे।
  • डायबटीज मरीज होने पर कैप्सुल लेने से पुर्व डाक्टरी सलाह ले।
  • बिग जैक कैप्सुल का सेवन बताई गई खुराक के अनुसार करे ।
  • बिग जैक कैप्सुल के सेवन के बाद किसी भी तरह की एलर्जी या पेट दर्द होने पर इसका प्रयोग ना करे।
  • हदय रोगी बिग जैक कैप्सुल के सेवन करने से पहले डाक्टरी सलाह जरुर लें।

FAQ

बिग जैक का सेवन शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है जिससे यौन समस्याओ से छूटकारा मिलता है इसके अलावा इसका ईस्तेमाल शरीर की रोकप्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है इसमे सफेद मुसली, अश्वगन्धा, जैसे प्राकृतिक तत्व मिले होते है

बिग जैक का प्रयोग शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाता है इसके साथ साथ यह यौन रोगो को भी दुर करने मे मदद करता है

बिग जैक कैप्सुल का सेवन 1 दिन मे 2 बार सुबह और शाम गर्म दुध या गुनगुन पानी के साथ करना चाहिए |

निष्कृर्ष

बिग जैक का सेवन हमारे शरीर मे टेस्टसेरान के मात्रा को बढ़ाता है और इसके बहुत सारे लाभ हेै जोकि आपने इस आर्टिकल मे जाना आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेन्ट करके बताये और हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमशे जरुर शेयर करें।

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चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए

चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए

हैलो दोस्तों भारत देश मे मेवो का सेवन काफी हद खूब किया जाता है कियोंकि हम लोग इसके सेवन के के फायदे के बारे मे बहोत अच्छी तरीके से जानते है लेकिन क्या अपने कभी चिलगोजे का सेवन किया है, ये भारत का सबसे कम उपयोग किए जाना वाला मेवा है

अधिकाश लोगों ने इसका नाम ही सुन होगा लेकिन आपको बात दे की बाकी मेवो के मुकबले इसमे काफी मात्र मे विटामिन k, विटामिन e, फॉलिक ऐसिड, पोटेशियम,मगनिशीम, कैल्सीअम, और इरॉन की मात्र काफी अधिक होती है,

इसका मुह कुछ हद तक सरीफ़े की तरह होता है, इसके खाने के बहुत सारे फायदे है ज़्यादातर लोगों को इसका सेवन किस तरीके से करना है उसके बारे मे पता नहीं होता है आज इस आर्टिकल मे चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए के बारे मे विस्तार रूप से जनेगए

चिलगोजा के बारे मे जानकारी

नाम चिलगोजा
रंगत लंबा नीला रंग का
किन देशों मे पाया जाता है इंडिया पाकिस्तान अफगानिस्तान तजाकिस्तान
पाए जाने वाला प्रोटीन विटामिन e, विटामिन k पोतशीयम, मगनीशियां
दाम 6000 केजी
चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए

चिलगोजा क्या होता है

चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए
चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए

चिलगोजा मेवो मे सबसे महंगे मेवो मे से एक है ये हिमालिए ओर पर्वती इलाकों मे जयदातार पाए जाते है, ये देखने मे भूरे और  17-23 मिलीमीटर (0.67-0.91 इंच) लंबे होते है इसका साइज़ एक छुहारे के बीज के समान होता है

इसकी खेती पाकिस्तान भारत, अफगानिस्तान, जैसे जगहों के ठंडे परदेशों मे की जाती है, इसकी बाज़रू कीमत 6000 रुपए किलो है जोकि सबसे महंगे मेवो मे से एक है इसमे मगनीशियां, पोटेशियम, फॉलिक ऐसिड यदि की भरपूर मात्र पाई जाती है

चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए

चिलगोजे का सेवन हमारे स्वस्थ के लिए काफी लाभदायक है इन विभिन तरीकों से इसका सेवन कर सकते है

सुबह काली पेट

चिलगोजे का सेवन सुबह काफी पेट कर सकते है इसका छिलका उतार कर अच्छी तरीके से धो ले उसके बाद इसके 3 से 4 दाने लेकर आप इसका सेवन कर सकते है याद रहे इसकी तशीर गरम होती है इसलिए इसका सेवन अपने पाचन के अनुसार करे नहीं तो आपका पेट भी खराब हो सकता है

सलाद बना कर

चिलगोजे का सेवन आप सलाद के रुप मे भी कर सकते है इसको रात मे छील कर भिगो ले उसके बाद सुबह बाकी सारे आइटम के साथ इसको अपने सलाद मेनू मे सामील करे ओर इसका सेवन आप अंकुरितमूंग, चना के साथ कर सकते है

भून कर

चिलगोजे का सावन आप इसको भून कर इसमे थोड़ा स नामक मिलकर ओर मेवो के साथ मिल कर कर सकते है जोकि खाने के काफी अच्छा लगता है

READ THIS – झंडू पंचारिष्ट के फायदे और नुकसान – झंडू पंचारिष्ट सेवन करने की विधि

मेठाई बना कर

चिलगोजे का भून कर इसका चुरा बना कर अपने हिसाब से किसी भी मिठाई मे मिलकर आप इसका सेवन कर सकते है चिलगोजे मे एक प्रकर्तिक मिठास होती है जोकि मिठाई के सवाद मे चार चंद लगा देगी

चिलगोजा कब खाना चाहिए

चिलगोजे का सेवन सुबह, रात को सोने से 4 घंटे पहले, जिम मे वर्काउट करने के बाद, भोजन के साथ करना सही होता है इसके सेवन मे 2 से 3 दानों से जयद प्रयोग न करे एस करने से आपका पेट भी खराब हो सकता है

चिलगोजा के फायदे

हड्डियों को मजबूत बनाता है

चिलगोजे का सेवन हमारी हड्डियों के स्वास्थ के लिए बहुत फायदेमंद है इसका नियमित सेवन हमरी हड्डियों मे कैल्सीअम की मात्र को बढ़ाता है चिलगोजा उम्र के साथ हड्डियों के कर्मजोर होने की परक्रिया को धीमे कर देता है ओर हड्डियों का मजदूत बनाता है

ब्लड प्रेशर ओर कस्ट्रोल का काम करता है

चिलगोजे का सावन हमारे सरीर के लिए काफी फायदेमंद है ये हमारे सरीर के ब्लड प्रेसर को नियंत्रित रखने मे मदद करता है इसमे पोटेशियम ओर मेग्नीशयएम के अच्छी मात्र होती है जोकि हमारे सरीर के करस्टोरल लवेल को को काम रकने मे मदद करता है

खून को बढ़ता है

चिलगोजे का सेवन सरीर मे हीमोग्लोबिन की मात्र का बढ़ाता है जिसे हमारे सरीर मे नए खून का निर्माण होता है चिलगोजे मे iron की मात्र काफी जायद होती है जोकि हमारे खून की कमी को दूर करता है

दिल को स्वस्थ्य रखने मे


चिलगोजा का सेवन हमारे दिल के लिए काफी लाभदायक है इसमे आमेगा -3 एसिड होता है जोकि हमारे नसो के ब्लोकेज को होने से रोकता है जिससे हमको दिल से सम्बन्घित बिमारिया कम होती है।


वजन कम करने मे –

चिलगोजे का सेवन हमारे वजन कम करने मेे काफी हद तक कारगर है क्योकि इसमे फाईबर और प्रोटीन होता है जोकि हमारे भुख को नियन्त्रित करने मे मदद करता हे।

बालो के सेहत को ठीक करना


चिलगोजे का सेवन हमारे बालो के लिए काफी लाभकारी है इसमे विटामिन ई की मात्रा काफी अच्छी होती है जिस कारण यह हमारे बालो को लम्बा और मजबूत बनाने मे मदद करता है।

सुजन को कम करता है


चिलगोजे का सेवन हमारे शरीर मे दर्द और सुजन को भी कम करता है इसमे एंटी इन्फलेमेटरी गुण होते है जोकि दर्दनिवारक और सुजन को ठीक करने का काम करती है।

चिलगोजा के नुकसान

  • पेट मे जलन
  • उल्टी आना पेट खराब होना
  • सुगर लेवल का बढना
  • शरीर पर दाने निकलना
  • किड्नी स्टोन का होना

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1 दिन मे कितने चिलगोजा कहना चाहिए

चिलगोजा की बात करे तो एक दिन मे 3 से 4 दाने चिलगोजा के कहना ठीक होता है

चिलगोजा कैसे खाना चाहिए

  • भून कर
  • मिठाई मे मिक्स कर के
  • सुबह खाली पेट साबुत
  • सलाद बना कर

चिलगोजा का भाव कितना है | chigoja kitne rupaye kilo hai

चिलगोजा (1 केजी)5999 RS

FAQ

चिलगोजा के प्रकार का मेवा होता होता है इसमे विटामिन e, विटामिन k पोतशीयम, मगनीशियां मे बहुत अधिक मात्र होती है जोकि हमारे सावस्थ के लिए काफी लाभकारी है जोकि ठंडे जगहों पर इसकी खेती होती है इसका आकार छुहारे के बीज के जितना होता है ओर ये भूरे रंग का होता है

चिलगोजे का सेवन हमारी दिल की बीमारी को दूर करने, कलस्तरोल लवेल को काम करने, हड्डियों को मजबूत बनाने, बालों की सावस्थ रखने मे काम आता है

चिलगोजे का सेवन 1 दिन 2 बार 4 से 5 दाने का सेवन करना चहए

निसकर्ष

आज इस आर्टिकल मे हमने चिलगोजा खाने का तरीका | चिलगोजा कब खाना चाहिए के बारे मे बताया है की ये मेवा का इस्टमाल हम कैसे कर सकते है ये आर्टिकल आपको कैसे लगा हमको कमेन्ट कर के जरूर बताये ओर हमारे लिए कोई सुझाव हो तो हमसे जरूर सेयर करे धन्यवाद

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